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चारधाम यात्रा: सुरक्षा, यातायात और निगरानी के लिए हाईटेक प्लान तैयार, 7000 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

डीजीपी उत्तराखण्ड की हाई-लेवल बैठक में बड़े फैसले, 16 सुपर जोन, 149 सेक्टर, ATS-ड्रोन निगरानी, फर्जी वेबसाइट्स पर STF की नजर

देहरादून: चारधाम यात्रा-2026 और हेमकुण्ड साहिब यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई।

यात्रा को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में बांटकर लगभग 7000 पुलिसकर्मियों की 24×7 तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर ATS टीमें भी तैनात रहेंगी और मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा तैयारियों की लगातार जांच होगी।

यातायात और पार्किंग की मजबूत व्यवस्था

यात्रियों की सुविधा के लिए 118 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। साथ ही 52 बॉटलनेक, 109 लैंडस्लाइड जोन, 274 दुर्घटना संभावित क्षेत्र और 61 ब्लैक स्पॉट को पहले ही चिन्हित कर विशेष प्रबंधन की तैयारी की गई है।

 हाईटेक निगरानी सिस्टम

पूरी यात्रा पर नजर रखने के लिए 1260 से अधिक CCTV कैमरे और 15 ड्रोन तैनात किए जाएंगे। “एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” से 24 घंटे निगरानी की जाएगी।

आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप को यात्रा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। कंट्रोल रूम से सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन का रियल टाइम मॉनिटरिंग होगा।

आपदा से निपटने की तैयारी

NDRF, SDRF, फायर सर्विस और जल पुलिस की टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। 80 स्थानों पर आपदा टीमें और 37 स्थानों पर SDRF की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

यात्रा मार्ग पर 57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र, 48 हॉल्टिंग प्वाइंट और 9 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों को हर संभव मदद मिल सके।

साइबर ठगी और अफवाहों पर सख्ती

फर्जी रजिस्ट्रेशन और हेली टिकट वेबसाइट्स पर STF की पैनी नजर रहेगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम मंदिरों में मोबाइल और कैमरा उपयोग पर SOP का सख्ती से पालन होगा। यूट्यूबर और ब्लॉगर्स की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।

 डीजीपी का बयान

डीजीपी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है और लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित और यादगार बनाया जाएगा।

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