देहरादून: चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने इस बार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पहले से अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाने का दावा किया है। सरकार का कहना है कि इस वर्ष यात्रा केवल आस्था का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि सुरक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया मॉडल भी पेश करेगी।
हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में कुल 57 स्क्रीनिंग सेंटर स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित यात्रियों की पहचान कर उन्हें समय पर सलाह और उपचार दिया जाएगा।
यात्रा के सबसे चुनौतीपूर्ण पड़ावों में शामिल केदारनाथ और बदरीनाथ में 17-17 बेड के अस्पताल पहले से संचालित हैं। वहीं बदरीनाथ में 50 बेड का एक हाईटेक अस्पताल जून तक शुरू होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 25 विशेषज्ञ डॉक्टर, 178 मेडिकल ऑफिसर और 414 पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है। इसके अलावा दून मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से भी अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
आपात स्थिति से निपटने के लिए 177 एंबुलेंस को यात्रा मार्ग पर तैनात किया गया है, साथ ही हेलीकॉप्टर रेस्क्यू सेवा भी उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13 भाषाओं में स्वास्थ्य परामर्श जारी किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस बार यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं को नए स्तर पर ले जाने का प्रयास किया गया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को इलाज के अभाव में परेशानी न हो।
