हल्द्वानी: उत्तराखंड की धरती पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ का आगाज हो चुका है। हल्द्वानी में चार दिवसीय एशियन कैडेट कप इंडिया 2025 (फेंसिंग/तलवारबाजी) प्रतियोगिता का रंगारंग शुभारंभ शनिवार को किया गया। इस प्रतियोगिता में भारत समेत कुल 17 देशों के तलवारबाज अपना दमखम दिखा रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ऐसे टूर्नामेंट प्रदेश को न सिर्फ खेलों में पहचान दिलाते हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं।
190 खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा
फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 190 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें से 46 विदेशी और 144 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। विदेशी खिलाड़ियों में 13 महिला और 33 पुरुष फेंसर मैदान में उतरेंगे। भारत के अलावा मंगोलिया, ईरान, बहरीन, इराक, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, मलेशिया, फिलीपींस, उज्बेकिस्तान, थाईलैंड, ब्रुनेई दारुस्सलाम, ऑस्ट्रेलिया, तुर्कमेनिस्तान, लेबनान, तजाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देश भी इसमें शिरकत कर रहे हैं।
सीएम धामी का संबोधन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल आयोजन होना उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब “खेल भूमि” के नाम से जाना जा रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने देश और विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। धामी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में राज्य के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएँ और बेहतर मंच देने के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
खेल से बढ़ेगा पर्यटन और रोजगार
सीएम ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उत्तराखंड में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। विदेशी खिलाड़ियों और प्रतिनिधियों के आगमन से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति, खेल भावना और प्राकृतिक सुंदरता को दिखाने का यह बेहतरीन अवसर है।
चार दिन तक चलेगी प्रतियोगिता

एशियन कैडेट कप इंडिया 2025 का यह महाकुंभ 22 सितंबर तक हल्द्वानी में जारी रहेगा। चार दिनों तक तलवारबाज खिलाड़ी पदक जीतने के लिए मैदान में पसीना बहाएंगे। दर्शक भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की फेंसिंग प्रतियोगिता का रोमांच पहली बार उत्तराखंड की धरती पर करीब से देख पाएंगे।
