श्रीनगर: राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस अस्पताल में स्थापित कार्डियो कैथ लैब ने शुक्रवार से विधिवत सेवाएं शुरू कर दीं। पहले दिन तीन मरीजों की एंजियोप्लास्टी और एक मरीज को पेसमेकर लगाया गया।
देवप्रयाग के मरीज की हुई पहली एंजियोप्लास्टी
कैथ लैब में सबसे पहले देवप्रयाग निवासी 60 वर्षीय मरीज का सफल एंजियोप्लास्टी ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद मरीज और परिजनों ने चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।
आयुष्मान योजना के तहत मिला निशुल्क उपचार
सभी मरीजों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क किया गया। इलाज में ऊखीमठ, चमोली और देवप्रयाग से आए मरीज शामिल रहे। कैथ लैब के संचालन से पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिसके बाद मरीजों का उपचार शुरू किया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संभाला मोर्चा
दून अस्पताल से आए वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय ने ओपीडी में 30 से अधिक मरीजों की जांच की। इको, टीएमटी सहित आवश्यक जांचें कर उपचार निर्धारित किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार अब गंभीर हृदय रोगियों को देहरादून या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक बोझ दोनों में कमी आएगी।
सरकारी प्रयासों से शुरू हुई सुविधा
3 मई को दिए गए निर्देशों के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तेजी से तैयारी कर कैथ लैब को शुरू किया। हालांकि इसकी स्थापना जुलाई 2024 में ही हो चुकी थी। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आगे इस सेवा का विस्तार किया जाएगा, ताकि चारधाम यात्रा और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर हृदय उपचार मिल सके।
