फर्जी टिकट और अवैध वीजा थमाकर फंसाया
दो अलग-अलग मामलों में 13 आरोपित नामजद
देहरादून: विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के दो मामले सामने आए है। ठगों ने 27 लाख रुपए से ज्यादा की रकम हड़प ली। आरोपितों ने फर्जी टिकट और अवैध वीजा थमा दिया। दोनों मामलों में नेहरू कालोनी पुलिस ने 13 आरोपितों को नामजद कर लिया है।
विभिन्न संस्थानों में होटल मैनेजमेंट के गेस्ट लेक्चरर के रूप में कार्यरत धर्मपुर निवासी नलिन मुलासी ने बताया कि अक्टूबर 2024 में उन्हें विक्रम गुसाईं नाम के व्यक्ति का मैसेज आया। जिसने खुद को राजपुर रोड स्थित रिधान्या प्लेसमेंट सर्विस का मैनेजर बताया। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए उसने एक छात्र को ओमान और दो अन्य छात्रों को कुवैत और मालदीव भेजकर उनकी नौकरी लगवा दी। उसने मार्च 2025 में मालदीव में 12 और बाद में 15 अन्य लड़कों की वैकेंसी बताई।
आरोप है कि आरोपित ने 27 लड़कों से वीजा और नौकरी के नाम पर करीब 25 लाख रुपए वसूले। इसके बाद 19 जुलाई 2025 को 6 युवकों को दिल्ली एयरपोर्ट भेजा गया, जहां चेक-इन के दौरान उनके टिकट फर्जी पाए गए और रोक दिया गया। नलिन ने खुद के रुपए खर्च कर हैदराबाद और दिल्ली के 5 युवकों के टिकट बुक कराए। इसमें से से एक एक को मुंबई एयरपोर्ट पर अवैध वीजा के कारण रोक दिया गया, जबकि चार युवक मालदीव पहुंच गए। लेकिन वहां एयरपोर्ट पर वीजा अवैध पाए जाने पर उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया। आरोप है कि जब रुपए वापस मांगे तो विक्रम गुसाई ने अभद्रता शुरू कर दी। शिकायत पर मुख्य आरोपित विक्रम गुसाईं निवासी विजय कॉलोनी, हाथीबड़कला, ए. इरहान खान, प्रियंका गुसाईं, बालकृष्ण सिंह, सूरज सिंह बिष्ट, संदीप, अनिल कुमार, स्वाति लखेड़ा, कोनाल पांडे, अजय, सचिन और रवि रावत को नामजद किया गया है।
उधर दूसरे में टिहरी गढ़वाल निवासी जितेंद्र ने आरोप लगाया है कि उनकी मुलाकात देहरादून के रिस्पना पुल स्थित सीसीयूपी इन्फो के संचालक आशीष रतूड़ी से हुई थी। आशीष ने पोलैंड भेजने का भरोसा दिलाया था। 3 लाख 80 हजार रुपये में सौदा तय था। भरोसे में आकर किस्तों में 2 लाख 18 हजार रुपये आशीष रतूड़ी को दे दिए। अब एक साल से अधिक का समय बीत गया, लेकिन उसे विदेश नहीं भेजा गया। दोनों ही मामलों में नेहरू कालोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
