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देहरादून: पिता की मृत्यु से टूटी पढ़ाई तो डीएम बने सहारा, चित्रा का बी–कॉम में दिलाया दाखिला

देहरादून: आर्थिक संकट के कारण टूटी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने सराहनीय कदम उठाया है। देहरादून निवासी चित्रा कालरा और उसकी बहन हेतल ने जिलाधिकारी सविन बंसल को अपनी व्यथा सुनाई कि पिता की मृत्यु के बाद न केवल चित्रा की पढ़ाई रुक गई है, बल्कि परिवार पर लिए गए बैंक ऋण का दबाव भी बढ़ गया है। फीस जमा न कर पाने के कारण चित्रा अपना बी–कॉम (ऑनर्स) जारी नहीं रख पा रही थी।

जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए चित्रा को जिला प्रशासन के सारथी वाहन से एक प्रतिष्ठित निजी संस्थान में भेजकर उसी दिन प्रवेश दिलवाया। चित्रा की पढ़ाई, किताबों और आवागमन का पूरा खर्च अब जिला प्रशासन और संस्थान वहन करेंगे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी किए।

दोनों बहनों ने बताया कि पिता की बीमारी और फिर 23 अक्टूबर को उनकी मृत्यु के बाद ऋण चुकाना संभव नहीं हो पा रहा था और बैंक द्वारा घर खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा था। जिलाधिकारी ने ऋण माफी से संबंधित मामले में उप जिलाधिकारी न्याय एवं एलडीएम को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी कार्यशैली से जरूरतमंदों को त्वरित राहत मिल रही है। डीएम स्वयं इन मामलों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और एलएमएस पोर्टल के माध्यम से समाधान की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं.

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