चमोली: चमोली में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और नियंत्रण व्यवस्थाओं को लेकर वन विभाग द्वारा धनपुर वन विश्राम भवन, गौचर में व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वन संरक्षक एवं नोडल फायर डॉ. विनय भार्गव, आईएफएस ने की। बैठक के बाद उन्होंने विभिन्न फायर क्रू स्टेशनों और वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
वनाग्नि की स्थिति और संसाधनों की समीक्षा
बैठक में वर्तमान फायर सीजन के दौरान विभिन्न वन प्रभागों में वनाग्नि की स्थिति, विभागीय तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, नियंत्रण व्यवस्थाओं और फायर रिस्पॉन्स सिस्टम की प्रभावशीलता की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी प्रियंका सुंडली, उप प्रभागीय वनाधिकारी विकास दरमोडा एवं जुगल किशोर तथा धनपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर मौजूद रहे।
पिछले वर्षों की घटनाओं का किया गया विश्लेषण
बैठक में बद्रीनाथ वन प्रभाग, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग और अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में पिछले वर्षों में हुई वनाग्नि घटनाओं का वर्षवार विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। इसमें पिछले तीन वर्षों की घटनाएं, फायर प्लान के तहत प्राप्त एवं प्रस्तावित बजट, बीते 15 दिनों में हुई घटनाओं की स्थिति और 15 मई से 31 मई के बीच पिछले पांच वर्षों की तुलनात्मक रिपोर्ट शामिल रही। साथ ही वर्ष 2026 में प्राप्त कुल फायर अलर्ट्स, वास्तविक और फॉल्स अलर्ट्स की भी समीक्षा की गई।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
डॉ. विनय भार्गव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनाग्नि नियंत्रण एवं रोकथाम से संबंधित विभागीय गतिविधियां फील्ड स्तर पर प्रभावी रूप से दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सतत निगरानी और त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। साथ ही फायर अलर्ट मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
फायर क्रू स्टेशनों और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
बैठक के बाद डॉ. विनय भार्गव ने विभिन्न फायर क्रू स्टेशनों और वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध संसाधनों, संचार व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों, अभिलेखों और फायर रिस्पॉन्स सिस्टम का परीक्षण किया गया। उन्होंने फायर वॉचर्स और फील्ड स्टाफ से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली।
दिवंगत फायर वॉचर राजेन्द्र सिंह को दी श्रद्धांजलि
इस दौरान डॉ. भार्गव ने बद्रीनाथ वन प्रभाग की चमोली रेंज अंतर्गत उस घटना स्थल का भी दौरा किया, जहां 20 मई 2026 को वनाग्नि नियंत्रण कार्यों के दौरान फायर वॉचर राजेन्द्र सिंह का दुखद निधन हो गया था। उन्होंने घटना स्थल पर अधिकारियों और कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी ली तथा दिवंगत फायर वॉचर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ. विनय भार्गव ने कहा कि वनाग्नि नियंत्रण कार्यों में लगे सभी फील्ड कार्मिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कठिन और संवेदनशील क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण, संचार साधन और समुचित समन्वय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही फायर वॉचर्स और फील्ड स्टाफ के मनोबल एवं सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
