- बड़े बांधों को तत्काल बंद करे उत्तराखंड सरकार
- सरकार की लापरवाही से हुई अत्याधिक मौतें
- समय-समय पर सरकार को चेताते रहे हैं वैज्ञानिक
रुद्रप्रयाग| उत्तराखंड क्रांति दल(UKD) ने पहाड़ों में बन रही जल विद्युत परियोजनाओं को विनाशकारी बताया है. दल ने बड़े-बड़े बांधों को शीघ्र बंद करने की मांग की है. साथ ही दल ने जोशीमठ (Joshimath) के तपोवन (Tapovan) क्षेत्र में हुई अत्याधिक जनहानि के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया.
उत्तराखंड क्रांति दल के युवा नेता मोहित डिमरी (Mohit Dimri) ने यहां जारी बयान में बताया कि भाजपा-कांग्रेस (BJP and Congress) की गलत नीतियों का ख़ामियाजा पहाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है. दोनों राष्ट्रीय दल पहाड़ों में जल विद्युत परियोजना (Hydro power project) के नाम पर मौत की परियोजनाएं बना रही हैं. उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों (Himalayas) में बड़ी जल विद्युत परियोजनाएं विनाश का कारण बन रही है. इन परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाना चाहिए.
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युवा नेता मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार समय पर वैज्ञानिकों(Scientist) की रिपोर्ट पर गौर करती तो इस आपदा में हताहतों की संख्या कम हो सकती थी. कई बार चेतावनी के बावजूद सरकार नहीं जागी. जिसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है. उन्होंने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं(Electricity projects) से पहाड़ के लोगों को किसी तरह का लाभ नहीं है. यहां न तो लोगों को बिजली मुफ़्त में मिलती है और न रोजगार. सिर्फ पहाड़ों के दोहन किया जाता है. सरकारों ने चंद मुनाफाखोरों के हाथों पहाड़ों को गिरवी रख दिया है.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल (Uttarakhand Kranti Dal) हमेशा से ही बड़े बांधों का विरोधी रहा है. दल पर्यावरणीय (Enviornmental) दृष्टि से छोटी-छोटी परियोजनाओं का हिमायती रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार को हिमालय की चिंता है तो बड़े बांधों को बंद कर देना चाहिए. दल आगे भी बड़े बांधों का विरोध करता रहेगा.
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