कोटद्वार| उत्तराखंड (Uttarakhand) की सांस्कृतिक विरासत (Cultural heritage) को बचाने के लिए रिखणीखाल ब्लॉक की महिलाओं ने विशाल मिलन समारोह आयोजित किया. पौड़ी जिले (Pauri Garhwal District) के रिखणीखाल ब्लॉक के अंदरगांव व कोटड़ीसैण की महिलाओं ने एक विशाल महिला मिलन का कार्यक्रम आयोजन किया.
महिला मिलन केंद्र के माध्यम से क्षेत्र की 28 महिला मंगल दलों ने प्रतिभाग भाग कर उत्तराखंड के बहु प्रचलित पोशाकों, नृत्य शैली, गायन शैली का कार्यक्रम किया. आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिलाओं द्वारा थड़िया, चौफला, झुमेलो जैसे सामूहिक नृत्य को फिर से पुनर्जीवित करना रहा.
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कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण महिला मंगल दलों को काफी प्रोत्साहन दिया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए क्षेत्रीय विधायक महंत दिलीप रावत ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन से हमारी नई पीढ़ी को हमारे सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानकारी मिलती है और हमारे प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बने रीति-रिवाजों का, खानपान का तथा पहनावे का भी परिचय मिलता है. उनका प्रयास होगा कि ऐसे आयोजनों को राज्य सरकार द्वारा मान्यता मिले और पूरे देश विदेश में उत्तराखंड की संस्कृति का परचम लहराए.
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