उत्तरकाशी: धरासु -यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बहुचर्चित निर्माणाधीन सिलक्यारा – पौलगाव सुरंग अब आर पार हो गयी है। इसके तैयार होने के बाद यहां तीर्थ यात्रियों व आमजन को आवागमन करने में सहु लियत होगी!
संभवतः 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री सुरंग के आरपार होने का विधिवत शुभारंभ करेंगे। कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि सुरंग निर्माण को लेकर पूरी सावधानी से आर पार यानी ब्रेकथ्रू किया जा चुका है। दरअसल, चारधाम सड़क परियोजना में करीब 853.79 करोड़ लागत से निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण इस साल मार्च तक पूरा होना था लेकिन बीते साल 12 नवंबर को सुरंग के सिलक्यारा मुहाने के पास हुए भूस्खलन हादसे के बाद इसका निर्माण दो माह तक बंद रहा। जिसमें 41 मजदूर फंस गये थे. 23 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को सुरंग निर्माण शुरू करने की अनुमति दी। सिलक्यारा छोर से टनल की स्ट्रेंगथनिंग, पानी निकालने और फिर मलबा हटाने के बाद ही निर्माण शुरू हो गया था।
पूर्व अनुमान के तहत ऐसे में सुरंग के ब्रेक थ्रू याने कि आर-पार होने में एक साल का समय लगा। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबन्धक मौ शादाब इमाम ने खुशी जाहिर करते हुए सुरंग से जुड़े सभी अधिकारियों व कार्यदायी संस्था के कर्मियों को बधाई देते हुए बताया कि अब ब्रेक थ्रू होने के बाद अवशेष काम पूरा करने में लगभग छह माह का समय और लगेगा। ऐसे में सुरंग निर्माण इस वर्ष 2025 तक ही पूरा हो जायेगा। उन्होंने बेहतर व सुगम चारधाम यात्रा सहित जनपद वासियों के आवाजाही के लिए उक्त सुरंग मील का पत्थर साबित हो की कामना के साथ जनपद व देशवासियों को बधाई दी है। क्षेत्र वासियों ने सुरंग के आरपार होने पर खुशी जाहिर की है.
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