विकासनगर : जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि जिस धामी सरकार ने हाल ही में अपना 3 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर जश्न मनाया है, वो एक तरह से भ्रष्टाचार के मामले में उत्तराखंड को देश का भ्रष्टतम राज्य बनाने के लिए मनाया गया है.
नेगी ने बताया कि आज हालात ये हो गए हैं कि मंत्री और अधिकारी सिर्फ रबर स्टैंप बन चुके हैं तथा सत्ता का केंद्रीयकरण हो चुका है, जिसके चलते सारे काम सीएम हाउस से ही दलालों के माध्यम से संचालित हो रहे हैं यानी सरकार ने हर विभाग में अपने एजेंट दलाल तैनात कर दिए हैं, जोकि जनता से उगाही करने के लिए खास मकसद से तैनात किए गए हैं. अधिकांश दलालों में सरकारी कर्मचारी अधिकारी एवं कुछ दलाल बाहर से आयात कर उगाही का जिम्मा दे रखा है. प्रदेश में कोई भी काम बगैर इन दलालों के एवं सुविधा शुल्क दिए नहीं होता. आज सत्ता की बागडोर सिर्फ और सिर्फ इन दलालों की हाथों में आ गई है. आमजन की सुनने वाला इस प्रदेश में कोई नहीं है, जिसके चलते उनके छोटे-मोटे कामों से संबंधित आवेदन पत्र कूड़े का ढेर बन रहे हैं.
नेगी ने बताया कि धामी सरकार ने भ्रष्ट एवं कमाऊपूत अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दे रखी हैं तथा ईमानदार व कर्मठ अधिकारी हासिये पर डाल दिए हैं. ईमानदार अधिकारी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. इस महा भ्रष्टाचार के चलते उत्तराखंड देश के भ्रष्टतम राज्यों में पहले नंबर पर आ गया है .
