साधारण किसान का बेटा बना विशेष, जापान के सकुरा साइंस प्रोग्राम में लिया भाग.
रुद्रप्रयाग के छात्र का इंटरनेशनल सफर, जापान की स्पेस एजेंसी और वैज्ञानिकों से की मुलाकात.
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के सुदूरवर्ती जखोली विकासखंड स्थित पीएम राजकीय आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज, पोंठी के कक्षा 11 के छात्र मयंक राणा ने अपने क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है। मयंक का चयन जापान सरकार के सकुरा साइंस एजुकेशनल टूर के लिए हुआ, जिसके तहत वे अन्य प्रतिभाशाली भारतीय विद्यार्थियों के साथ जापान के विज्ञान एवं अंतरिक्ष संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण कर रहे हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मयंक के परिवार, शिक्षकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है।
इंस्पायर जिला समन्वयक रमेश चन्द्र मैठाणी ने जानकारी दी कि मयंक ने भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंस्पायर अवॉर्ड प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था। जिले और राज्य स्तर पर चयनित होने के बाद, मयंक ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में अपने नवाचार (Innovative Idea) को प्रस्तुत किया। देशभर से आए 350 छात्रों में से 31 उत्कृष्ट नवाचारों का चयन हुआ, जिनमें मयंक का प्रोजेक्ट भी शामिल था। चयनित छात्रों को सकुरा साइंस प्रोग्राम के तहत जापान भ्रमण का अवसर मिला।
जापान यात्रा के दौरान मयंक ने वहां की विज्ञान प्रयोगशालाएं, स्पेस एजेंसी, और कई प्रतिष्ठित संस्थानों का दौरा किया। साथ ही उन्हें जापान के प्रमुख वैज्ञानिकों और गणितज्ञों के व्याख्यान सुनने का मौका भी मिला।
मयंक के मार्गदर्शक शिक्षक पीयूष शर्मा ने कहा, “एक ग्रामीण छात्र का इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयन न केवल जनपद बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश के लिए गर्व की बात है। मयंक के पिता एक साधारण किसान हैं, जबकि उनकी मां गांव के प्राइमरी विद्यालय में भोजन माता के रूप में कार्यरत हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने मयंक की उपलब्धि को अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
