“अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर देहरादून पुलिस द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित”
देहरादून: अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन देहरादून में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना और नशा उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरूगेशन ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “नशा आज समाज में एक अभिशाप बन चुका है, जो भावी पीढ़ी को अंधकार की ओर धकेल रहा है। समय रहते यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो इसके दुष्परिणाम गंभीर होंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को सफल बनाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा और स्वयं जागरूक रहते हुए दूसरों को भी प्रेरित करना होगा।

मुरूगेशन ने युवाओं को नशे से बचाने में परिवार की भूमिका को निर्णायक बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों से मित्रवत व्यवहार रखें ताकि वे खुलकर अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
कार्यक्रम में पद्मभूषण/पद्मश्री अनिल जोशी ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि “आज की जीवनशैली में लोग अपने नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संबंधों से दूर हो रहे हैं, जिससे एकाकीपन और नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “नशा उन्मूलन केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।”



इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून ने जनसमूह को नशा उन्मूलन अभियानों और नशा तस्करों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दून पुलिस द्वारा निरंतर निगरानी और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्रों, युवाओं और नागरिकों को नशे के कारणों, प्रभावों और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, जागरूकता सत्र में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी विशेषज्ञों द्वारा दिए गए, जिससे जनता की शंकाओं का समाधान हुआ।


