पवन जाटव की शिकायत पर कार्रवाई, प्रशासन ने शुरू की गहन जांच; राजस्व और आप्रवासन विभाग भी होंगे शामिल.
मामले में हाईकोर्ट में दायर की गई है जनहित याचिका, देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल.
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ नेपाली नागरिकों पर फर्जी दस्तावेजों की मदद से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में मल्लीताल निवासी पवन जाटव की शिकायत पर पुलिस ने नेपाली मूल के पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
खुर्पाताल क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
पवन जाटव ने नैनीताल के एसएसपी को शिकायत पत्र सौंपते हुए बताया कि बीते कई वर्षों से नेपाल से आए कुछ लोगों ने नैनीताल शहर और उसके आसपास, विशेषकर खुर्पाताल के एक तोक में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बना लिए हैं। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी भारतीय पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर अपनी नागरिकता भारतीय के रूप में दर्शाई है।
फर्जी दस्तावेजों पर बनी संपत्तियाँ, सुरक्षा को खतरा
जाटव ने यह भी कहा कि बिना केंद्र सरकार की अनुमति के कोई भी विदेशी नागरिक भारत में न तो जमीन खरीद सकता है और न ही वैध नागरिकता प्राप्त कर सकता है। यह न केवल भूमि कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी खतरा है। उन्होंने पहले भी इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन जांच से असंतुष्ट होकर अब उन्होंने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है, साथ ही इस मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पांच के खिलाफ मुकदमा, दस्तावेजों की सत्यता की जांच शुरू
कोतवाली पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर देवी रॉय, हिमाल कुमार, विनोद रॉय, गौरी देवी और राजवती देवी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोतवाल हेम चंद पंत ने बताया कि दस्तावेजों की जांच के लिए राजस्व विभाग और आप्रवासन विभाग से भी समन्वय किया जा रहा है। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण और अवैध दस्तावेजों की जांच की तैयारी कर रहा है।
