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Uttarakhand: एक जुलाई को मिलेगा भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष

प्रदेश संगठन चुनाव की अधिसूचना व मतदाता सूची जारी.
संशोधित प्रांत परिषद सदस्यों (मतदाता) सूची भी हुई जारी.
30 को नामांकन, नामांकन जांच, नामांकन वापसी व चुनाव.

देहरादूना: भाजपा को एक जुलाई को आम सहमति से उत्तराखंड में अपना नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। ऐसी उम्मीद बहुत कम है कि पार्टी में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के लिए दो प्रत्याशी आपस में भिड़े।

रविवार को भाजपा ने संगठन पर्व के तहत प्रदेश संगठन चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए संशोधित प्रांत परिषद सदस्यों (मतदाता) सूची जारी कर दी गई है और प्रदेश कार्यालय में चस्पा भी कर दी गई है। चुनाव 30 जून को होगा। कुल 122 सदस्य मतदान में हिस्सा लेंगे। मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा। इसी दिन नामांकन और मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का भी चयन किया जाएगा। उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा नको चुनाव अधिकारी बनाया है। राजपुर विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष खजान दास ने बताया कि एक जुलाई को नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। पार्टी के संविधान के अनुसार 50 प्रतिशत से अधिक मंडल और जिला इकाइयों का गठन होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होता है। भाजपा प्रदेश में 50 फीसदी से ज्यादा मंडल इकाइयों का गठन कर चुकी है। 19 सांगठनिक जिला इकाइयों में से 18 के अध्यक्ष घोषित किए जा चुके हैं, जिसके बाद अब प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना है।

बता दें कि भाजपा के संविधान के मुताबिक हर तीन साल में संगठनात्मक चुनाव होने चाहिए। संगठनात्मक बदलाव को आगामी पंचायत व विधानसभा चुनावों की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव टलता जा रहा था, लेकिन अब एक जुलाई को नया मुखिया मिलना तय है।

जातीय व क्षेत्रीय संतुलन समीकरण को लेकर चर्चा.

भाजपा में जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाव से भी नाम भी चर्चाओं में हैं। पार्टी के सत्ता में रहने पर मुख्यमंत्री अगर कुमाऊं से होता है तो प्रदेश अध्यक्ष गढ़वाल से चुना जाता है तो वहीं ठाकुर और ब्राह्मण के समीकरण भी तय किए जाते हैं। हिसाब से माना जा रहा है कि संगठन की कमान गढ़वाल क्षेत्र के ब्राह्मण नेता के हाथों में सौंपी जा सकती है, लेकिन पार्टी यह भी देखेगी कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की उसके बारे में क्या राय है।

अगला प्रदेश अध्यक्ष:

भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पायी है। हालांकि पार्टी के भीतर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चाएं भी हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की चौंकाने वाले फैसले लेने की प्रवृत्ति के चलते पार्टी में अटकलें जारी हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जो नाम संगठन में गूंज रहे हैं। उनमें प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, दर्जाधारी ज्योति प्रसाद गैरोला, वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली, विधायक वृजभूषण गैरोला, बलवंत सिंह भौर्याल, सतीश लखेड़ा के नामों कीचर्चा है। पार्टी में यदि महिला को कमान सौंपने का प्रयोग हुआ तो महिला चेहरे के तौर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल व महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज के नामों की भी चर्चा कुछ लोग कर रहे हैं।

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