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1.70 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, महिला को डिजिटल हाउस अरेस्ट बताकर की ठगी

महिला को डिजिटल हाउस अरेस्ट बताकर की 1 करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी.
भोपाल सेंट्रल जेल से बी वारंट पर दबोचा, एक आरोपित को पूर्व में किया जा चुका है गिरफ्तार.

देहरादून:  डिजिटल हाउस अरेस्ट फ्रॉड मामले के मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने भोपाल सेंट्रल जेल से वी वारंट पर दबोचा है। एक आरोपित को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से दून निवासी महिला से 1 करोड़ 70 लाख रुपये ठगे जाने के मामले में गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि दून निवासी महिला ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दी कि उसके मोबाइल पर फैडेक्स कोरियर से एक कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उसका एक पार्सल है जो मुम्बई से ताइवान के लिए भेजा गया था। पार्सल पर उसका नाम, मोबाइल नम्बर व ईमेल आईडी अंकित है। पार्सल में कुछ अवैध दस्तावेज व सामान मिला है। आरोपितों ने महिला को ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार करने की धमकी दी। साथ ही 30 से 90 दिनों के लिए गैर-जमानती गिरफ्तारी बताई।

इसके वाद मुम्बई क्राइम ब्रान्च द्वारा पार्सल के बारे में जानकारी ली गई और आधार कार्ड नम्बर पूछ गया और बताया कि उसका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में कई बार इस्तेमाल हो चुका है। साइबर ठगों ने मुम्बई आकर केस में सहयोग करना होगा या ऑनलाइन बयान दर्ज कराने को कहा गया। इसके बाद उसके सभी बैंक खातों की जानकारी हासिल कर खातों में अनियमितता पाया जाना बताकर प्रकरण में आरबीआई को भी शामिल करने की बात कहते हुए सारी रकम वैरिफिकेशन के लिए बताए गए खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया। जांच के सारी रकम उसके खाते में वापस कर देने की बात बताई। उनके बताए अनुसार रकम ट्रांसफर करने के बाद ठगों द्वारा और अधिक रुपये ट्रांसफर करने को कहने पर जब वह असमर्थ रही तो ठग भड़क गए और धमकाने लगे कि पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट न मिलने के कारण उसके इंडिया के सारे अकाउंट फ्रीज हो जाएंगे और उसे सात साल की सजा हो जाएगी। इसके बाद उसे अहसास हुआ कि उसके साथ करोड़ों रुपये की ठगी हो चुकी है। साइबर अपराधियों ने पीड़िता को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर उसकी जिन्दगी भर की कमाई धोखाधड़ी से हड़प ली।

साइबर क्राइम पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बैंक खातों व मोवाइल नम्बरों आदि की जानकारी के लिए डेटा हासिल किया। मिले डेटा का गहनता से विश्लेषण करते हुए तकनीकी व डिजिटल साक्ष्य जुटाकर कर इस घटना में शामिल मुख्य आरोपित को चिन्ह्ति किया। तलाश जारी करते हुए कई स्थानों पर दबिश दी गई और साइवर पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए मामले में संलिप्त मुख्य आरोपित दिनेश कुमार खीची निवासी खटीको का मोहल्ला डीडवारा किशनगढ़ अजमेर राजस्थान को भोपाल सेंट्रल जेल से बी वारंट पर गिरफ्तार किया।

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