चमोली/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद पड़ी हैं, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में अनेक स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा में बाधा उत्पन्न हुई है।
रुद्रप्रयाग में सिरोबगड़ बना नासूर:
रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के बीच स्थित सिरोबगड़ में भारी भूस्खलन हुआ है। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। संबंधित टीमें मलबा हटाने में जुटी हुई हैं। रुद्रप्रयाग पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा—”सिरोबगड़ मां बाटु बन्द चा।” (सिरोबगड़ में रास्ता बंद है।)
चमोली में भी भूस्खलन, वैकल्पिक मार्ग से हो रही आवाजाही
चमोली जिले में भी नंदप्रयाग के पास बदरीनाथ हाईवे पर मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया था। इससे कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, चमोली, गोपेश्वर, जोशीमठ और बदरीनाथ की ओर जाने वाले वाहन फंसे रहे। हालांकि, जोशीमठ से लौट रहे वाहनों के लिए गोपेश्वर होते हुए ऊखीमठ की ओर वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है। फिलहाल, नंदप्रयाग में मलबा हटाकर मार्ग खोल दिया गया है।
इससे पहले चमोली के कमेडा क्षेत्र में भी भूस्खलन हुआ था, लेकिन वहां से भी मलबा हटाकर मार्ग बहाल कर दिया गया है। चमोली पुलिस ने सोशल मीडिया पर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने की सूचना दी है।
