ऋषिकेश की 75 वर्षीय विधवा महिला का आरोप — बेटे ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अंगूठा लगवाया, बिक्री की रकम भी बहू के खाते में डलवाई.
देहरादून/ऋषिकेश: क्या संपत्ति का मोह इतना बढ़ गया है कि खून के रिश्ते भी उसके आगे बौने पड़ने लगे हैं? ऐसी ही एक चौंकाने वाली घटना में ऋषिकेश तहसील की 75 वर्षीय बुजुर्ग विधवा महिला सोम्मी देवी ने अपने बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोम्मी देवी का कहना है कि उनके बेटे ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखे से उनकी पुश्तैनी ज़मीन को बेच दिया। इतना ही नहीं, महिला को यह भी नहीं बताया गया कि ज़मीन का सौदा हुआ है, और उससे जुड़े कागजात पर अनपढ़ होने का फायदा उठाकर अंगूठा लगवा लिया गया। जब ज़मीन खरीदने वाली महिला विजयलक्ष्मी ने जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश की, तब जाकर उन्हें सच्चाई का पता चला।
सोम्मी देवी ने जिलाधिकारी सविन बंसल से मिलकर अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश तहसील के ग्राम सांधरवाला में स्थित उनकी 0.3525 हेक्टेयर ज़मीन में आधा हिस्सा उनके नाम है, जबकि बाकी हिस्सा उनके बेटे धर्मेंद्र के नाम दर्ज है।
राजस्व रिकॉर्ड में दोनों का नाम संयुक्त रूप से दर्ज है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि बेटे ने जमीन का बंटवारा करवाने का बहाना कर कागज़ों पर उनके अंगूठे के निशान लिए और फिर धोखे से विक्रय पत्र तैयार कर जमीन बेच दी।
महिला ने यह भी बताया कि जमीन की बिक्री से मिली राशि भी उन्हें न देकर सीधे बहू के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस धोखाधड़ी से किए गए बिक्री पत्र को निरस्त किया जाए या प्रकरण के निस्तारण तक जमीन पर यथास्थिति बरकरार रखी जाए। बुजुर्ग महिला की इस मार्मिक गुहार ने प्रशासनिक अमले को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
बुजुर्ग महिला की शिकायत पर उपजिलाधिकारी ऋषिकेश से रिपोर्ट तलब की गई थी। उपजिलाधिकारी की रिपोर्ट में जमीन के विक्रय किए जाने का उल्लेख है। साथ ही यह बात भी सामने आ रही है कि विक्रय राशि पुत्रवधू के खाते में जमा कराई गई है। प्रकरण में एक सिविल वाद भी गतिमान है। प्रकरण के निस्तारण तक जमीन पर यथास्थिति कायम करने को कहा गया है। : सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून
