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काशीपुर मंडी समिति में रिश्वत कांड, विजिलेंस ने अधिकारी को ₹1.20 लाख लेते रंगे हाथ पकड़ा-KASHIPUR MANDI OFFICER ARRESTED

लाइसेंस जारी करने के एवज में मांगी थी रिश्वत
हल्द्वानी विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल
सीएम धामी ने कहा- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति

काशीपुर : उत्तराखंड की आर्थिक नगरी काशीपुर में मंडी समिति से जुड़ा एक गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मंडी समिति में तैनात प्रभारी सचिव को ₹1,20,000 की रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) हल्द्वानी की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मंगलवार को मुरादाबाद रोड स्थित नवीन अनाज मंडी में की गई।

जानकारी के अनुसार, मंडी सचिव पर फल-सब्जी मंडी के लाइसेंस जारी करने के एवज में दो फाइलों के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता शफायत और शकील अहमद ने इस संबंध में विजिलेंस से शिकायत की थी। आरोपी अधिकारी ने प्रति फाइल ₹60,000, यानी कुल ₹1.20 लाख की मांग की थी।

शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस टीम ने एक योजनाबद्ध जाल बिछाया। जैसे ही अधिकारी ने शिकायतकर्ता से तय राशि स्वीकार की, उसे टीम ने मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तारी के तुरंत बाद मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।

विजिलेंस विभाग का बयान:
सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि:

> “मंडी समिति, काशीपुर में कार्यरत प्रभारी मंडी सचिव को ₹1.20 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी द्वारा मंडी समिति में लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया के एवज में प्रति लाइसेंस ₹60,000 की अवैध मांग की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई और आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।

मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया:
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा:

> “उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। यदि कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में ईमानदारीपूर्ण शासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जनता में आक्रोश, अधिकारियों में हड़कंप:

इस मामले के उजागर होने के बाद मंडी परिसर में व्यापारियों और आम जनता में भारी नाराज़गी देखी गई। वहीं विभागीय अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है।

स्थानीय व्यापारियों ने मांग की है कि मंडी समिति में भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं और इस मामले में शामिल किसी भी अन्य व्यक्ति की जांच की जाए।

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