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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा, इस्तीफे के पीछे वजहों पर उठे सवाल

जगदीप धनखड़ का पद छोड़ना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना.
उपराष्ट्रपति पद से धनखड़ का त्यागपत्र, बदलते सत्ता समीकरणों की ओर इशारा.

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। गृह मंत्रालय ने उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से अधिसूचित कर दिया है।

74 वर्षीय धनखड़ पिछले साल अप्रैल से संसद भवन परिसर के निकट चर्च रोड स्थित नवनिर्मित उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रह रहे थे। यह एन्क्लेव सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत उपराष्ट्रपति के आवास और कार्यालय के लिए बनाया गया था। लगभग 15 महीने वहां रहने के बाद, अब उन्हें यह सरकारी आवास छोड़ना होगा।

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि धनखड़ को लुटियंस दिल्ली या किसी अन्य उपयुक्त क्षेत्र में टाइप-8 बंगला देने की पेशकश की जाएगी। आमतौर पर टाइप-8 बंगला वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय दलों के प्रमुख नेताओं को आवंटित किया जाता है।

धनखड़ के अचानक इस्तीफे से विपक्ष सहित राजनीतिक विश्लेषकों में चर्चा है कि क्या उनके बताए गए “स्वास्थ्य कारण” ही असल वजह हैं या इसके पीछे कोई गहरे राजनीतिक समीकरण हैं। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर संदेह जताते हुए कहा कि कारण केवल स्वास्थ्य नहीं हो सकते।

पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने कहा कि धनखड़ का इस्तीफा सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर बदलते सत्ता समीकरणों और राजनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि धनखड़ सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे और अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “राज्यसभा के सभापति के रूप में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। उनके सहज स्वभाव, विनम्रता और संवाद की शैली ने उन्हें एक अलग पहचान दी।”

गौरतलब है कि विपक्ष ने पिछले वर्ष धनखड़ पर कथित पक्षपात के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ हटाने का प्रस्ताव भी लाया था, हालांकि अब कई विपक्षी नेता उनके लिए सहानुभूति और सम्मान प्रकट कर रहे हैं।

सत्तारूढ़ दल की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं। राजनीति में यह घटनाक्रम आगे क्या मोड़ लेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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