अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया विकासखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के दौरान एक मतदान केंद्र पर अव्यवस्थाओं को लेकर वायरल हुए वीडियो ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि प्राथमिक पाठशाला ऊंचावाहन स्थित मतदेय स्थल संख्या 95 पर मतदान के लिए कोई मूलभूत सुविधा मौजूद नहीं थी। इस वीडियो के प्रसारित होते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे ने इस वीडियो को प्रथम दृष्टया भ्रामक और प्रशासन की छवि को धूमिल करने वाला करार दिया है। उनका कहना है कि यह वीडियो संभवतः चुनाव ड्यूटी में तैनात किसी कार्मिक द्वारा ही बनाया गया और सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। डीएम ने इस मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सी.एस. मर्तोलिया को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व है। यदि मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो उसका समाधान विभागीय संवाद और उचित माध्यम से किया जाना चाहिए। लेकिन किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाना कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन है।
जांच अधिकारी को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वीडियो में दिखाई गई स्थितियों की सत्यता का परीक्षण किया जाए और यदि यह पाया जाता है कि मतदेय स्थल में वास्तव में आवश्यक सुविधाओं की कमी थी, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही को चिन्हित कर कार्रवाई की संस्तुति की जाए।
यह घटना पंचायत चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। डीएम ने यह भी संकेत दिया कि यदि दोष सिद्ध होता है तो संबंधित कार्मिकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मामला प्रशासन के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन चुका है और इसकी निष्पक्ष जांच की प्रतीक्षा की जा रही है।
