मंगलौर की पीड़िता की शिकायत को कोतवाली में किया गया था नजरअंदाज, SSP हरिद्वार के आदेश पर पति समेत चार के खिलाफ मामला दर्ज.
रुड़की: हरिद्वार जनपद के मंगलौर क्षेत्र की एक महिला के वैवाहिक जीवन में उस समय तूफान आ गया, जब उसके पति ने न केवल उससे रिश्ता तोड़ा, बल्कि उसकी ही सगी बहन से निकाह कर लिया। यह दर्दनाक घटना तब सामने आई जब पीड़िता ने हार न मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई।
पीड़िता की शादी चार साल पहले उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के एक युवक से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए। कुछ समय बाद उसका पति मंगलौर की गुड़ मंडी में नौकरी करने लगा और पूरा परिवार वहीं रहने लगा।
महिला का आरोप है कि करीब दो साल पहले उसके पति के उसकी छोटी बहन (साली) से अवैध संबंध बन गए थे। इसके बाद उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह आए दिन पत्नी से झगड़ने लगा, मारपीट करने लगा और बच्चों का खर्चा भी बंद कर दिया।
हालात तब और बिगड़ गए जब महिला को पता चला कि उसके पति ने चुपचाप उसकी साली से शादी कर ली है। 25 मार्च को वह घर आया और महिला को तीन तलाक दे दिया। पीड़िता का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम में उसकी सास, ससुर और ननद भी शामिल थे, जो लगातार उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।
न्याय की उम्मीद में जब वह मंगलौर कोतवाली शिकायत लेकर गई, तो वहां पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की और शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद महिला ने हिम्मत जुटाई और सीधे हरिद्वार के SSP प्रमेन्द्र डोबाल से मिलकर अपनी तहरीर सौंपी। SSP ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
अब पुलिस ने आरोपी पति समेत सास, ससुर और ननद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मंगलौर कोतवाली प्रभारी शांति कुमार गंगवार ने बताया कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न सिर्फ एक महिला की व्यक्तिगत पीड़ा का उदाहरण है, बल्कि उन सामाजिक मुद्दों की ओर भी इशारा करता है, जहां आज भी महिलाएं कई स्तरों पर अन्याय का सामना कर रही हैं।
