उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले का धराली गांव इन दिनों भारी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। बीते 5 अगस्त को आई बाढ़ ने गांव की शक्ल ही बदल दी है। आज तीसरा दिन है, लेकिन आपदा प्रभावित क्षेत्र से संपर्क पूरी तरह टूटा हुआ है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
रेस्क्यू अभियान तेज, लेकिन अपनों का कोई सुराग नहीं
धराली और छोलमी गांव में आई तबाही के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मलबे में दबे लोगों को तलाश रही हैं और फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। लेकिन जिन लोगों के परिजन अब तक लापता हैं, उनकी बेचैनी हर पल बढ़ रही है। मोबाइल नेटवर्क और बिजली न होने से हालात और खराब हो गए हैं।
परिजन पहुंचे सीएम धामी से मिलने, छलका दर्द

आज उत्तरकाशी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेस्क्यू किए गए लोगों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। इसी दौरान धराली और छोलमी गांव के कई ग्रामीण भी अपने लापता परिजनों की तलाश की गुहार लेकर सीएम धामी से मिले। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान की अगुवाई में पहुंचे ग्रामीणों की आंखों में आंसू थे और दिल में उम्मीद। कई महिलाएं अपने दर्द को रोक नहीं पाईं और रो पड़ीं।
“पूरा परिवार लापता है” – ग्रामीणों की पीड़ा
गांव के मनोज नेगी, दिनेश रावत, सतेंद्र नेगी और संजय पंवार ने बताया कि आपदा के बाद से गांव का किसी से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि जिस दिन आपदा आई, उस दिन गांव में मेले और नवयुवक मंगल दल की बैठक भी थी, लेकिन वहां मौजूद किसी भी युवक से भी अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने दिए भरोसे के शब्द
सीएम धामी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि लापता लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में नेटवर्क और बिजली बहाल की जाए ताकि लोग अपने अपनों से संपर्क कर सकें।
धराली, तबाही के निशान हर ओर
धराली गांव में बाढ़ की लहरें खीर गंगा गाड़ से उठीं और कई घर, होटल, होमस्टे और सेब के बगीचे पलभर में बहा ले गईं। आज गांव मलबे और कीचड़ में बदल चुका है। हर कोई अपनों की सलामती की दुआ कर रहा है।
