देहरादून: राजधानी के रायपुर क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की जमीन की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर 1.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की पहचान राजेश अग्रवाल और विजय कुमार के रूप में हुई है, जो पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं।
6 रजिस्ट्रियों के ज़रिए की गई ठगी
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहित सेठ ने अक्टूबर 2024 में रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने डांडा नूरीवाला में एक जमीन दिखाई और एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर उस जमीन का सौदा उनसे 1.65 करोड़ रुपये में किया।
बाद में, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छह अलग-अलग रजिस्ट्रियां उनके और उनके परिवार के नाम पर कर दी गईं। लेकिन जब जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू की गई, तब असलियत सामने आई।
बुजुर्ग महिला की जमीन का किया गलत इस्तेमाल
जांच में पता चला कि यह भूमि वास्तव में किसी बुजुर्ग महिला की थी और आरोपियों ने उसके नाम पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाई थी। इसके बाद उन्होंने उसी के आधार पर रजिस्ट्री कर करोड़ों की ठगी कर डाली।
सीओ डोईवाला की जांच के बाद कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ डोईवाला ने जांच की और 6 जुलाई 2025 को दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने 7 जुलाई को दोनों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया।
गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हैं पहले से मुकदमे
थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर भूमि धोखाधड़ी के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राजेश अग्रवाल और विजय कुमार दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी पुराने मुकदमे दर्ज हैं और वे पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
