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देहरादून में कांग्रेस का कैंडल मार्च, भाजपा पर वोट चोरी के आरोप तेज- DEHRADUN CONGRESS CANDLE MARCH

प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा-चुनाव आयोग पर मिलीभगत से लोकतंत्र कमजोर करने का लगाया आरोप, बोले—”अब वोट चोरी किसी सूरत बर्दाश्त नहीं”प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा-चुनाव आयोग पर मिलीभगत से लोकतंत्र कमजोर करने का लगाया आरोप, बोले—”अब वोट चोरी किसी सूरत बर्दाश्त नहीं”

देहरादून: राजधानी देहरादून में शुक्रवार शाम कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे लगाते हुए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान पार्टी ने भाजपा पर वोटों की चोरी और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए।

कैंडल मार्च कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय से शुरू होकर घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर जाकर संपन्न हुआ। मार्च में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव काजी निजामुद्दीन समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस मौके पर करन माहरा ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में सबसे अहम अधिकार—वोट का अधिकार—देश के नागरिकों को दिया गया है, ताकि जनता अपनी सरकार स्वतंत्र रूप से चुन सके। लेकिन आज भाजपा सत्ता के बल पर संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर भाजपा सरकार बाबा साहब के दिए गए इस अधिकार को छीनने की कोशिश कर रही है। माहरा ने चेतावनी दी कि अब देश में वोट चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कांग्रेस संघर्ष के बूते इस पर रोक लगाएगी।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वोटों की चोरी कोई नया मामला नहीं है, बल्कि लंबे समय से हर चुनाव में इसकी झलक दिखाई दे रही है। उनका आरोप था कि यह हेराफेरी चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से की जा रही थी, और अब इस पर पुख्ता सबूत सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु सेंट्रल की महादेवपुरा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने यहां को छोड़कर बाकी सभी विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन महादेवपुरा में एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हार हुई। रावत के मुताबिक, इस सीट पर बड़े पैमाने पर वोटों में गड़बड़ी की गई। उन्होंने कहा कि देशभर में ऐसे न जाने कितने “महादेवपुरा” होंगे, जहां इसी तरह की वोट चोरी हुई होगी।

रावत ने दावा किया कि वोट हेराफेरी के पांच अलग-अलग तरीके अपनाए गए, जिनमें से एक वोटर लिस्ट में गड़बड़ी भी थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने जिन लोगों को मृत घोषित करके उनके नाम काट दिए, वे हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ चाय पीते हुए देखे गए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वोट का अधिकार सर्वोपरि है, और अगर इस अधिकार में हेराफेरी होती रही तो यह लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा। पार्टी ने ऐलान किया है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।

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