देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में ‘‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’’ की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कोरवा व त्यूनी चकराता के निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली गई।
डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने जर्जर भवनों को निष्प्रोज्य घोषित कर सुरक्षित आंगणन कराने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि केजीबीवी कोरवा में डिजिटल बोर्ड, 100 कुसी-टेबल, 16 सीसीटीवी कैमरे, 30 रूम हीटर, वाटर प्यूरीफायर, इंटरनेट व डाइनिंग टेबल-कुर्सी सहित कई सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। वहीं वाशिंग मशीन, जूते, ट्रैकसूट और अन्य उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है।
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के प्रथम चरण में जिले के 46 विद्यालयों में विद्युत संयोजन, 1248 में वाईटबोर्ड, 348 में पानी की टंकी, 754 में मंकी नेट, 246 में झूले, 337 में बेबी स्लाइड, 46 में वॉलीबॉल कोर्ट तथा 109 विद्यालयों में बैडमिंटन कोर्ट बनाए गए हैं। साथ ही 93 विद्यालयों में वॉल पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूरे हुए हैं।
जिलाधिकारी ने परियोजना के लिए 1 करोड़ की धनराशि शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई है। इसके अतिरिक्त 215 विद्यालयों में सीएसआर मद से 6801 फर्नीचर दिए गए हैं, जिससे हजारों छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं। पुस्तकालयों में दैनिक समाचार पत्र, सामान्य ज्ञान पुस्तकों, मैगजीन, आत्मकथाओं व महापुरुषों की जीवनियाँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डीएम ने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों का कौशल विकास भी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में न्यूज़पेपर, मैगजीन और शब्दकोश अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों ताकि विद्यार्थी देश-दुनिया से अवगत रहें और महापुरुषों की जीवनी से प्रेरणा ले सकें। गुणवत्तापूर्ण भोजन, साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के भी निर्देश दिए गए।
