मोबाइल स्टोर मालिक और साथियों पर 50 लाख की धोखाधड़ी का केस दर्ज
फर्जी लेटर हेड और खातों के जरिए रकम ऐंठते रहे आरोपी
ऑनलाइन शॉपिंग रिफंड के नाम पर महिला से 11.50 लाख की ठगी
देहरादून: राजधानी में ठगी और धोखाधड़ी के दो बड़े मामले सामने आए हैं। एक ओर मोबाइल स्टोर संचालक और उसके साथियों ने एक व्यक्ति से 50 लाख रुपए की ठगी कर डाली, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगों ने ऑनलाइन शॉपिंग का रिफंड दिलाने के बहाने महिला के बैंक खाते से 11.50 लाख रुपए उड़ा दिए। पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
50 लाख की धोखाधड़ी
दून एंक्लेव निवासी हरीश भट्ट ने कोतवाली डालनवाला में शिकायत दर्ज कराई है कि वह करनपुर निवासी अमित मिश्रा को लंबे समय से जानता है। अमित ने 2023 में बताया कि उसने हरिद्वार में मोबाइल स्टोर खोला था, लेकिन कोरोना काल में भारी नुकसान हुआ और कंपनी में जमा सिक्योरिटी फंस गई। सिक्योरिटी निकालने के नाम पर उसने हरीश से मदद मांगी।
पीड़ित ने शुरुआत में यूपीआई के जरिए 90 हजार रुपए दिए। इसके बाद अमित मिश्रा ने एरिया सेल्स मैनेजर सचिन गर्ग और जोनल मैनेजर समीर चौहान का हवाला देकर और रकम मांगी। इसी बहाने उसने पीयूष जुगरान, मोहित सक्सेना, अभिजीत किशोर, अक्षय मुंद्रा, शशि कुमार सिंह, कुमार मंगलम, दीपांशु मित्तल, खब्बू तिवारी और अभिषेक कुमार के खातों में अलग-अलग किस्तों में कुल 50 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में जांच में सामने आया कि कंपनी के लेटर हेड भी फर्जी थे।
कोतवाली डालनवाला प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि सभी 12 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
महिला से साइबर ठगी
वहीं, घाटी रिवर वैली निवासी प्रगति रस्तोगी ने थाना राजपुर में शिकायत दी कि उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग एप से सामान खरीदा था, जिसका रिफंड नहीं मिला। गूगल पर कंपनी का नंबर सर्च कर उन्होंने कस्टमर केयर से संपर्क किया। ठगों ने उन्हें गूगल पे पर रिफंड का झांसा देकर मोबाइल में हेल्प डेस्क ऐप डाउनलोड कराया और फिर उनके खाते से 11 लाख 50 हजार रुपए उड़ा लिए।
