भाकियू वेलफेयर फाउंडेशन ने किसानो को रिहा करने की उठाई मांग
भाकियू वेलफेयर फाउंडेशन ने किसानो को रिहा करने की मांग उठाई है। निर्दोष किसान भाइयों पर फर्जी मुकदमे थाना दोराला मेरठ में 23 दिसंबर को कुछ किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। जो धाराओं पर जेल भेजने का काम किया गया था जो सरासर गलत है।
23 दिसंबर को संघर्ष मोर्चा संगठन के बैनर तले पुलिस से संबंधित समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारी से वार्ता करने मेरठ दादरी चौकी पर पहुंचे थे लेकिन कुछ किसान जो गिरफ्तार किए गए, वे उस समय वहां उपस्थिति भी नहीं थे। उन्हें दूसरी जगह से ब्लॉक कर गिरफ्तार किया गया। जिससे पता चलता है कि यह कार्रवाई सही तरीके से नहीं की जा रही है।
इनमें हमारी तो किस बहनों को भी गिरफ्तार किया गया है जिसमें टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने हमारे किसान बहनों के कानों के कुंडल छीन लिए जिससे हमारी किसान बहनों के कानों से खून भी बहता गया। जिसका वीडियो भी हमारे पास उपलब्ध है। जिससे हमारी किसान बहनों की तरफ से कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। महोदय आपसे निवेदन है कि इस विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाए एवं निर्दोष किसानों को नाजायज तरीके से न सताया जाएं।
भारतीय किसान यूनियमन आपसे अनुरोध करती है कि फर्जी मुकदमे जो लिखे गये है उन्हें हटाकर निर्दोष किसान भाइयों को रिहा करने का आदेश जारी किया जाए जिससे किसानों को फिर से देश की सेवा और देश की जीडीपी में हाथ बटाने का मौका मिल सकें।
