रुद्रपुर। विदेश में कंप्यूटर की नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों को ठगकर उन्हें जबरन साइबर फ्रॉड करवाने के मामले में जसपुर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी विदेश भेजने का लालच देकर युवाओं से पैसे वसूलता था। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राज्य में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में थाईलैंड में जॉब दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को गैरकानूनी तरीके से म्यांमार भेजकर साइबर फ्रॉड में काम कराने के मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले में जसपुर पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार 13 नवंबर 2025 को मोहम्मद आज़म ने तहरीर देकर बताया कि मोहल्ले के सुनील ने आज़म और जुनैद से संपर्क किया और दोनों को विदेश में कंप्यूटर कार्य की नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके बदले उसने दोनों से 70-70 हजार रुपये लिए और उन्हें बैंकॉक भेज दिया। इसके बाद दोनों को जंगल और नदी के रास्ते गैरकानूनी रूप से म्यांमार पहुंचाया गया, जहां उनसे जबरन साइबर फ्रॉड से संबंधित कार्य कराया जा रहा था।
काफी मशक्कत के बाद दोनों युवक वहां से निकलकर थाईलैंड बॉर्डर पहुंचे, जहां से भारतीय दूतावास की मदद से उनका रेस्क्यू कर भारत भेजा गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर आजम और जुनैद के साथ धोखाधड़ी की।
आरोपी पर आरोप है कि उसने बैंकॉक में ऑफिस-वर्क की नौकरी का झांसा देकर दोनों को म्यांमार भेजा और जबरन अवैध साइबर गतिविधियों में लगाया। परिजनों द्वारा संपर्क करने पर उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़ा हुआ है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
