देहरादून: 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के राजभवन में शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्ष 2024 के लिए चयनित 16 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान और समाज में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
सीएम धामी ने शिक्षकों को दी बधाई..
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को संवारने वाले राष्ट्र निर्माता भी होते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में शिक्षक का स्थान हमेशा से सर्वोच्च रहा है। गुरु न केवल शिक्षा देते हैं बल्कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के बीज भी बोते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध कथाकार शैलेश मटियानी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कहानियों और उपन्यासों में उत्तराखंड के पर्वतीय जीवन, संघर्ष और संवेदनाओं को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। उन्हीं की स्मृति में यह पुरस्कार शिक्षकों को समर्पित किया जाता है।

डिजिटल युग में गुरु की भूमिका अहम
सीएम धामी ने कहा कि आज डिजिटल युग में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। वे बच्चों को न केवल आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों से भी परिचित कराते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सबसे पहले लागू करने वाला राज्य उत्तराखंड रहा है। राज्य सरकार ने 2022 में ‘बाल वाटिका’ की शुरुआत कर शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत की थी।
शिक्षा में नई पहलें और भर्तियां..
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस वर्ष शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, जिसने बुनियादी शिक्षा के लिए राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा तैयार की है। बच्चों में कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘कौशलम कार्यक्रम’ भी शुरू किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने दिए नवाचारों की जानकारी
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। राज्य के 1,340 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास और 950 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सभी जिलों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि प्रदेश के 550 स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम लागू कर दिए गए हैं और 22 हजार से अधिक प्राथमिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, शिक्षा विभाग में इस वर्ष लगभग 9,500 भर्तियां की जा रही हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में मौजूद राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी शिक्षकों को समाज का वास्तविक मार्गदर्शक बताते हुए उन्हें भविष्य की पीढ़ियों को संस्कारित और शिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक दिवस पर आयोजित इस समारोह ने एक बार फिर साबित किया कि शिक्षा ही राष्ट्र के निर्माण का मूल आधार है और शिक्षक उसकी सबसे मजबूत कड़ी हैं।
