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रामलीला में गूँजा पेपर लीक कांड, रावण बोला- लंका में सब ठीक, पर उत्तराखंड में पटवारी का पेपर लीक

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामला अब सड़कों से निकलकर सीधे धार्मिक मंच तक पहुँच गया है। पिथौरागढ़ जिले के प्रसिद्ध टकाना गांव की रामलीला में इस कांड पर व्यंग्य किया गया, जिसने दर्शकों को पेट पकड़कर हँसने पर मजबूर कर दिया।

टकाना की रामलीला पूरे क्षेत्र में अपनी परंपरा और लोकप्रियता के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार यह खास वजह से सुर्खियों में रही। तीसरे दिन जब शिव धनुष भंग और सीता स्वयंवर का मंचन चल रहा था, तभी कलाकारों ने संवादों के बीच उत्तराखंड के पेपर लीक कांड का जिक्र छेड़ दिया। एक पात्र ने खुद को “चोरपुर का राजा हाकम” बताते हुए कहा—“पेपर चोरी काम च मेरो, हाकम मेरो नाम।” इस कटाक्ष पर दर्शक तालियाँ बजाने लगे।

इतना ही नहीं, रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार ने भी व्यंग्य किया—“लंका में सब कुछ ठीक है, लेकिन उत्तराखंड में हालात बिगड़े पड़े हैं। पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया है।” इस चुटकी पर रामदरबार ठहाकों से गूँज उठा और दर्शक सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने से खुद को रोक नहीं पाए। यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम हुआ यह मंचन देखते ही देखते वायरल हो गया और फेसबुक, इंस्टाग्राम व एक्स (ट्विटर) पर लाखों लोगों ने इसे देख डाला।

दूसरी ओर, असल जिंदगी में यह मुद्दा छात्रों के लिए हँसी का नहीं, बल्कि गुस्से का कारण बना हुआ है। हल्द्वानी में आमरण अनशन, देहरादून और रुद्रप्रयाग में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। परीक्षार्थियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी तो सिर्फ मोहरे हैं, जबकि बड़े चेहरे अब भी बाहर घूम रहे हैं। यही वजह है कि छात्र लगातार CBI जांच की माँग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। SIT जांच कर रही है और मुख्य आरोपी मोहम्मद खालिद, हकमसे और पंकज गौड़ सलाखों के पीछे हैं। कुछ कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया है। लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं होती, परिणाम रोके गए हैं और यही ईमानदार छात्रों की सबसे बड़ी चिंता है।

टकाना की रामलीला ने इस गंभीर मुद्दे को व्यंग्य के चटपटे तड़के के साथ परोसा, जिससे यह मामला न केवल आंदोलनकारियों का नारा बना, बल्कि अब धार्मिक मंच का संवाद भी।

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