देहरादून: राजधानी देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र से पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार का बड़ा खुलासा किया है। हरबर्टपुर के सोनिया बस्ती इलाके में किराए के मकान में चल रहे इस अवैध धंधे पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) देहरादून और विकासनगर पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से मकान के केयरटेकर सहित कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड राजकुमार नाम का व्यक्ति फिलहाल फरार है।
देहरादून एसएसपी अजय सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि हरबर्टपुर क्षेत्र में किराए पर लिए गए मकान से अनैतिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। एसएसपी ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और विकासनगर पुलिस को संयुक्त छापेमारी के निर्देश दिए। इसके बाद 1 सितंबर की रात पुलिस टीम ने सोनिया बस्ती स्थित मकान पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों से पुलिस को दो पुरुष और दो महिलाएँ आपत्तिजनक हालत में मिलीं। मौके से नकदी और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने तत्काल मकान के केयरटेकर सहित पाँच लोगों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें कोतवाली विकासनगर लाया गया।
छापेमारी के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों से पुलिस को दो पुरुष और दो महिलाएँ आपत्तिजनक हालत में मिलीं। मौके से नकदी और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने तत्काल मकान के केयरटेकर सहित पाँच लोगों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें कोतवाली विकासनगर लाया गया।
पुलिस पूछताछ में मकान के केयरटेकर ने बताया कि इस मकान को राजकुमार नामक शख्स ने किराए पर लिया था। राजकुमार बाहरी राज्यों से महिलाओं और युवतियों को बुलाता और उनसे देह व्यापार करवाता था। ग्राहकों से संपर्क करने के लिए वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता और सौदा तय होने के बाद उन्हें मकान पर बुलाता। ग्राहकों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें महिलाओं से मिलवाया जाता था। मकान की देखभाल और संचालन का काम केयरटेकर करता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फरार आरोपी राजकुमार पहले भी अनैतिक देह व्यापार में जेल जा चुका है। इसके बावजूद उसने फिर से इसी धंधे में कदम रखा और मकान किराए पर लेकर पूरी योजना के तहत रैकेट चला रहा था। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इस पूरे मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अपराध समाज की जड़ों को कमजोर करते हैं, इसलिए इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
