हरिद्वार: कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा शुरू की गई ‘हरित हरिद्वार’ पहल को जनसमर्थन मिलने लगा है। मेलाधिकारी एवं हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की उपाध्यक्ष सोनिका की पहल पर प्रस्तावित इस विशेष वृक्षारोपण अभियान को लेकर स्वयंसेवी संस्थाओं, गैरसरकारी संगठनों, शिक्षण संस्थानों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े समूहों में उत्साह का माहौल है।
मानसून में चलेगा व्यापक वृक्षारोपण अभियान
मंगलवार को मेला नियंत्रण भवन में अभियान की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अभियान के नोडल अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने की। बैठक में लगभग चार दर्जन गैरसरकारी एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अभियान को जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय पहल बताते हुए प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
बैठक में आगामी मानसून सत्र के दौरान बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित करने की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
“वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाना होगा”
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि वृक्षारोपण को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक उनका संरक्षण और संवर्धन भी है।
पर्यावरण संरक्षण की नई पहचान बनेगा कुंभ
प्रशासन की इस पहल को लेकर आमजन और सामाजिक संगठनों में सकारात्मक संदेश गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि ‘हरित हरिद्वार’ अभियान आगामी कुंभ मेले को पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की नई पहचान देगा।
