पेपर लीक विरोध आंदोलन के बीच शिक्षकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़कीं सेवानिवृत्त अध्यापिका, जांच नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी
देहरादून: उत्तराखंड की चर्चित सेवानिवृत्त अध्यापिका उत्तरा पंत बहुगुणा ने बेरोजगार युवाओं के आंदोलन में समर्थन देने के दौरान शिक्षकों के अपमान पर कड़ा विरोध जताया है। बहुगुणा का कहना है कि आंदोलन का मूल मुद्दा पेपर लीक था, लेकिन मंच पर अचानक धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई और कुछ युवाओं ने शिक्षकों के खिलाफ अपशब्द कहे, जिससे पूरे शिक्षकीय समुदाय की गरिमा पर चोट पहुंची।

उत्तरा पंत बहुगुणा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वे चाहतीं तो तुरंत कड़ा जवाब देतीं, लेकिन संघर्षरत युवाओं की तपस्या को देखते हुए चुप रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस घटना की उचित जांच नहीं कराई गई तो वे भूख हड़ताल पर बैठने तक का कदम उठाएंगी।

बहुगुणा ने सरकार से मांग की है कि उनकी और उस युवती की शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी शिक्षक पर व्यक्तिगत आरोप हैं तो उसका नाम लेकर बात होनी चाहिए थी, न कि पूरे शिक्षकीय समुदाय को अपमानित किया जाए। उन्होंने युवती की डिग्री की सत्यता पर भी सवाल उठाया है।
सोशल मीडिया पर बहुगुणा का समर्थन बढ़ रहा है और लोग इस घटना को शिक्षकों की गरिमा पर हमला मान रहे हैं। आंदोलन संचालकों और सरकार की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल शिक्षकों के सम्मान को प्रभावित करती हैं, बल्कि आंदोलन के वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटका देती हैं। बहुगुणा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य युवाओं को प्रभावित करना नहीं, बल्कि शिक्षा और शिक्षक समुदाय की प्रतिष्ठा की रक्षा करना है।
