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23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, ज्योतिर्मठ से रवाना हुई देव डोलियां

चमोली: उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थल बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। कपाटोद्घाटन को लेकर सभी धार्मिक परंपराएं और तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

धार्मिक परंपरा के अनुसार 21 अप्रैल को नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ से पूजा-अर्चना के पश्चात आदि गुरु आदि गुरु शंकराचार्य की पवित्र डोली,  गरुड़ की उत्सव मूर्ति और अन्य देव डोलियां विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुईं। इस अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी तथा बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देव डोलियां अपने पहले पड़ाव योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंच चुकी हैं। यहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। ज्योतिर्मठ के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने लगभग दो किलोमीटर तक देव डोलियों के साथ चलकर पुष्प वर्षा करते हुए उनका अभिनंदन किया।

इससे पूर्व ज्योतिर्मठ में तिमुंडिया वीर पूजन तथा गरुड़ छाड़ मेले का आयोजन किया गया, जिसमें आगामी बदरीनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए आशीर्वाद मांगा गया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि 22 अप्रैल को योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री उद्धव जी, श्री कुबेर जी तथा आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंचेगी, जबकि श्री गरुड़ जी 21 अप्रैल को ही ज्योतिर्मठ से धाम के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। इसी क्रम में श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तेल कलश (गाडू घड़ा) के साथ ज्योतिर्मठ पहुंचे, जो 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देव डोलियों के धाम के लिए प्रस्थान पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यात्रा को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी, नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, एडवोकेट प्रकाश भंडारी, देवपूजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, सुभाष डिमरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, लेखाकार भूपेंद्र रावत, पुजारी सुशील डिमरी, राम प्रसाद थपलियाल सहित मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी, महिला मंगल दल और हक-हकूकधारी मौजूद रहे।

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