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केदारनाथ धाम के खुले कपाट, “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा पूरा धाम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रहे मौजूद, पीएम नरेंद्र मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

केदारनाथ: श्रद्धा, आस्था और दिव्यता का संगम आज उस समय देखने को मिला जब ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ मंदिर के कपाट विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के जयघोष से गूंज उठा।

भव्य पूजा-अर्चना और पुष्प वर्षा से अलौकिक बना माहौल

कपाट खुलने से पहले सुबह 5 बजे से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी. गंगाधर और अन्य धर्माचार्यों ने गर्भगृह में विधिवत पूजा संपन्न कराई। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इस खास अवसर पर मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया।

मुख्यमंत्री ने की देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर राज्य और देश की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।

चारधाम यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने उत्तराखंडवासियों से श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने की अपील की।

पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

कपाट खुलने के बाद पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में धाम का भव्य पुनर्निर्माण हुआ, जो आज विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

उखीमठ से धाम पहुंची पंचमुखी डोली

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए एक दिन पहले ही धाम पहुंच चुकी थी। इसी के साथ कपाट खुलने की परंपरागत प्रक्रिया पूरी की गई।

कपाट उद्घाटन के अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, तीर्थ पुरोहित और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तिमय माहौल में सिख रेजीमेंट के बैंड की धुनों ने समारोह को और भी दिव्य बना दिया।

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