Udayprabhat
uttrakhand

उत्तराखंड: कोचिंग के लिए निकली छात्रा को अगवा करने की कोशिश, पुलिस ने दर्ज किया केस- HALDWANI KIDNAPPING CASE

हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में दसवीं कक्षा की छात्रा को अगवा करने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना 30 अगस्त की बताई जा रही है जब छात्रा रोजाना की तरह घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी। आरोप है कि स्कूटी सवार युवक ने अपने एक साथी की मदद से छात्रा को जबरदस्ती स्कूटी पर बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। लेकिन छात्रा के पिता की सतर्कता और परिजनों की त्वरित कार्रवाई से आरोपी अपनी नीयत में सफल नहीं हो सका और छात्रा को बीच रास्ते में छोड़कर फरार हो गया।

पीड़ित छात्रा के पिता ने घटना की जानकारी हल्द्वानी कोतवाली पुलिस को दी और तहरीर सौंपी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

छात्रा को दी गई थी धमकी

छात्रा ने अपने पिता को बताया कि आरोपी युवक पहले से ही उसे परेशान कर रहा था। कुछ दिन पहले उसने छात्रा को जबरन एक ताबीज पहनाने की कोशिश की और धमकी दी थी कि अगर उसने ताबीज नहीं पहना या किसी को इस बारे में बताया तो वह और उसका परिवार जान से मार दिए जाएंगे। इन धमकियों के कारण छात्रा डरी-सहमी रहती थी और परिजनों से भी यह बात छिपाए रही।

पिता ने की थी समझाने की कोशिश

जब छात्रा ने अपने पिता को युवक की हरकतों के बारे में बताया तो पिता आरोपी के घर गए और परिजनों के सामने उसे समझाने का प्रयास किया। उस समय युवक ने कुछ दिनों तक कोई हरकत नहीं की, लेकिन जल्द ही उसने फिर से छात्रा को परेशान करना शुरू कर दिया। इस बीच 30 अगस्त को उसने छात्रा को अगवा करने की कोशिश की।

जैसे ही छात्रा के परिजनों को इस घटना की भनक लगी, वे मौके पर पहुंच गए। छात्रा के पिता ने जब आरोपियों का पीछा किया तो उन्होंने लड़की को बीच रास्ते में छोड़कर भागने में ही अपनी भलाई समझी।

हल्द्वानी कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी युवक के खिलाफ अपहरण की कोशिश, जान से मारने की धमकी और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी हुई है ताकि उसे जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जा सके।

घटना के बाद छात्रा और उसका परिवार दहशत में है। घरवाले अब बेटी की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। परिवार का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

यह मामला एक बार फिर इस सवाल को खड़ा करता है कि बेटियों की सुरक्षा के लिए समाज और प्रशासन को कितनी सतर्कता बरतनी होगी। हालांकि इस घटना में पुलिस की तत्परता और परिजनों की जागरूकता से छात्रा सुरक्षित बच गई, लेकिन यह भी साफ है कि ऐसी घटनाएं समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं।

Leave a Comment