देहरादून: कांग्रेस सेवादल और कांग्रेस सोशल मीडिया से जुड़े प्रदेश नेताओं ने एक स्थानीय रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता कर झंडेवालान स्थित ऐतिहासिक ‘बाबा पीर रतन नाथ मंदिर’ पर हुई कथित अवैध तोड़फोड़ को गंभीर हमला करार दिया। नेताओं ने आरोप लगाया कि DDA ने 29 नवंबर को GRAP के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद भारी पुलिस बल के साथ मंदिर परिसर की प्राचीन दीवारों और संरचनाओं को अचानक ध्वस्त कर दिया। यह वही मंदिर है जिसका इतिहास 1400 वर्ष पुराना बताया जाता है और जिसकी आध्यात्मिक परंपरा पेशावर के ‘नाथ संप्रदाय’ से जुड़ी है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि यह कार्रवाई पास स्थित RSS मुख्यालय केशव कुंज के विस्तार, पार्किंग निर्माण और रास्ता चौड़ा करने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि यह न केवल धार्मिक विरासत पर कुठाराघात है बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में नाथ संप्रदाय की सेवा कर रहे हिंदू समुदाय के विश्वास पर भी सीधा आघात है।
नेताओं ने मांग की कि मंदिर की जमीन पर कब्जे के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच हो, परिसर पर लगी शटरिंग हटे और तोड़े गए हिस्सों का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए। साथ ही GRAP नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश प्रवक्ता भास्कर चुग, अशोक मल्होत्रा और कांग्रेस सोशल मीडिया के उपाध्यक्ष सरदार बलजीत सिंह ने चेतावनी दी कि मांगें न माने जाने पर बड़े आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
