बेरीनाग में देर रात तक धरने पर बैठे छात्र, छात्र संघ चुनाव लड़ने के लिए 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता का कर रहे विरोध
बेरीनाग: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग में आगामी 29 सितंबर को होने वाले छात्र संघ चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। चुनाव लड़ने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के विरोध में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी नहीं होने के कारण छात्र संघ चुनाव की तैयारी कर रहे एबीवीपी प्रत्याशी समेत तीन पदाधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके बाद संबंधित प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने कॉलेज परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
“महाविद्यालय परिसर से बाहर पेट्रोल लाने की सूचना मिली थी. छात्रों को समझा दिया गया है. लिंगदोह के नियमों के तहत चुनाव होगा. चुनाव लड़ने के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है.“- प्रो. बीएम पांडे, प्राचार्य, राजकीय पीजी कॉलेज बेरीनाग
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब एक एबीवीपी कार्यकर्ता पेट्रोल की बोतल लेकर कॉलेज परिसर में पहुंच गया। इससे वहां मौजूद छात्र-छात्राओं में हड़कंप मच गया। समझाने के बाद पेट्रोल की बोतल वहां से हटा दी गई। कॉलेज प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

सूचना पर वरिष्ठ उप निरीक्षक हरीश कोंरगा के नेतृत्व में पुलिस टीम कॉलेज पहुंची। पुलिस और कॉलेज प्राचार्य प्रो. बीएम पांडे ने छात्रों के साथ बैठक कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। बैठक में लिंगदोह समिति के नियमों के अनुसार चुनाव कराने और 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी करने वाले छात्रों को ही चुनाव लड़ने देने की बात कही गई। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
“छात्रों के द्वारा हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम महाविद्यालय परिसर में पहुंच गई थी. महाविद्यालय में पेट्रोल लाने की कोई जानकारी नहीं मिली है. कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.“- हरीश कोंरगा, वरिष्ठ उप निरीक्षक कोतवाली, बेरीनाग
वहीं, छात्र 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता हटाने की मांग पर अड़े रहे। छात्र संघ अध्यक्ष पद की दावेदार बबीता असवाल और गौरव बोरा बुधवार शाम करीब चार बजे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक 75 प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता संबंधी आदेश निरस्त नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरना समाप्त कराने पहुंची पुलिस और छात्रों के बीच तीखी बहस भी हुई। पुलिसकर्मियों द्वारा धरने पर बैठे अध्यक्ष पद के दावेदारों को उठाए जाने के बाद छात्रों ने कॉलेज गेट के बाहर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
फिलहाल छात्र संघ चुनाव को लेकर कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। कॉलेज में एबीवीपी से अध्यक्ष पद के दो दावेदार सामने आए हैं, जबकि एनएसयूआई की ओर से भी प्रत्याशी घोषित किए जाने की तैयारी है।
