देहरादून: दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग द्वारा 4 दिसंबर से 11 दिसंबर तक देहरादून जिले में विशेष सेवा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में जरूरतमंद दिव्यांग और वृद्धजनों को दैनिक जीवन में सहूलियत देने वाले विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार शिविरों में सबसे पहले पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा। उसके बाद चिकित्सा जांच के आधार पर उनकी आवश्यकता की पहचान की जाएगी, ताकि उन्हें उपयुक्त उपकरण—जैसे व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ट्राईसाइकिल आदि. निःशुल्क उपलब्ध कराए जा सकें। शिविरों की शुरुआत 4 दिसंबर को रायपुर ब्लॉक सभागार से होगी। इसके बाद 5 दिसंबर को सहसपुर, 6 दिसंबर को विकासनगर के पंचायत भवन सभावाला, 7 दिसंबर को डोईवाला के मिलन केंद्र दुधली, 9 दिसंबर को ऋषिकेश नगर निगम सभागार, 10 दिसंबर को मसूरी नगर पालिका सभागार और 11 दिसंबर को सहिया (कालसी) स्थित सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय पीजी कॉलेज में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों और एडिप योजना के तहत दिव्यांगजनों का परीक्षण किया जाएगा। पंजीकरण के लिए दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड की कॉपी और ग्राम प्रधान/सभासद या पार्षद द्वारा जारी ₹22,500 मासिक आय प्रमाण पत्र लाना होगा। वहीं वृद्धजनों के लिए आधार कार्ड और प्रधान से ₹15,000 मासिक आय प्रमाण पत्र अनिवार्य रखा गया है।
समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि देहरादून जिले में कुल सात शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें सभी ब्लॉक और नगर निकाय क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उनका कहना है कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र वृद्धजनों और दिव्यांग व्यक्तियों को आसानी से पंजीकृत कर उन्हें समय पर सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
