शिकायत का डीएम ने लिया संज्ञान, पटवारी ने कोतवाली में लिखाया मुकदमा
ऋषिकेश: सरकारी सुविधाओं का लाभ पाने के लिए कोई शख्स किस हद तक कानून तोड़ सकता है, इसका नमूना सामने आया है। दावा ये भी किया जा रहा है कि कोतवाली ऋषिकेश में ये अपने तरह का पहला मुकदमा दर्ज हुआ है।
दरअसल एक व्यक्ति ने सरकारी सुविधाओं का लाभ पाने के लिए आय प्रमाण पत्र फर्जी ढंग से हासिल कर लिया। पेंशन और राशन जैसी सुविधाएं भी पा ली। वर्षों बाद शिकायत पर दस्तावेज खंगाले गए तो जालसाजी का मामला प्रकाश में आया। फिलहाल उप राजस्व निरीक्षक की ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के निर्देश ऊपर से न आते तो तहसील प्रशासन दबे दस्तावेजों की धूल न साफ कर रहा होता। ताजा मामले के मुताबिक गुमानीवाला निवासी विजय शर्मा पुत्र स्व. सूर्यदेव शर्मा ने सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए गलत तथ्य प्रस्तुत कर फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवा लिया। मजे की बात ये है कि आय प्रमाण पत्र 2023 में ऋषिकेश तहसील से जारी हुआ। इसमें विजय शर्मा ने वार्षिक आय 48 हजार दर्शाई। उधर राशन कार्ड में तीन लाख 60 हजार रुपए वार्षिक आय घोषित कर दी।
जानकारी के मुताबिक विजय शर्मा अपने पुत्र विनोद कुमार के साथ संयुक्त परिवार में रहते है। विनोद कुमार शर्मा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त पेंशनधारी है। वर्तमान में वह देहरादून स्थित डीएससी (डिफेंस सर्विसेज कैंटीन) में कार्यरत हैं। पटवारी की ओर से दी गई तहरीर में आरोप है कि सरकारी सुविधाओं के लालच में विजय शर्मा ने तहसील में गलत दस्तावेज और जानकारियां देकर कम आय का प्रमाणपत्र बनवा लिया। इसी क्रम में तहसील स्तर पर जांच की गई तो धांधली का खुलासा हुआ।
डीएम के हस्तक्षेप पर उजागर हुआ मामला
जिस फर्जीवाड़े की नींव वर्ष 2023 में पड़ी उसकी भनक तहसील को 2025 के अंतिम पड़ाव पर लग पाई। इस बीच अपात्र को सरकारी खैरात किस पैमाने पर मिली इसकी थाह लगनी शेष है। दो साल से भी ऊपर गुजरने के बाद फर्जीवाड़े पर चुप्पी तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल है। अभी ये भी तय नहीं है कि तहसील से ऐसे कितने अपात्रों को फर्जी दस्तावेजों के बूते आय प्रमाण पत्र बांट दिए गए। यदि मामला डीएम के संज्ञान में न आया होता तो तहसील प्रशासन इससे पहले तक ऐसे फर्जीवाड़े से अनिभज्ञ था। असल जांच का मुद्दा ये है कि वर्ष 2023 से अबतक आखिर कितने ऐसे फर्जी आय प्रमाणपत्र जारी हुए। इनमें तहसील के किसी कर्मचारी की कितनी गंभीर भूमिका है।
