पिता की बेदखल करने की धमकी से खपा था आरोपित बेटा यशपाल
स्कार्पियो व तीस लाख में दोस्तों को दी थी हत्या की सुपारी
हरिद्वार: रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्या का मास्टरमाइंड बेटा निकला। बेटे ने संपति से बेदखल करने की बाप की धमकी से खपा होकर दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। बाप की हत्या करने के बाद दोस्तों को तीस लाख रुपए व एक कार देने का वादा किया। पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर पूरी वारदात से पर्दाफाश करते हुए हत्या के मास्टरमाइंड बेटे व हत्या करने वाले मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। आरोपितों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल तमंचा व खोखा बरामद किया। पूछताछ करने के बाद तीनों आरोपितों का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने पत्रकारवार्ता में रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी भगवान सिंह हत्याकांड का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच के लिए बहादराबाद थाना, रानीपुर कोतवाली व सीआईयू की संयुक्त टीम बनाकर खुलासे में लगाई गयी। हत्याकांड के पीछे बेटे की भूमिका संदिग्ध मानकर कर टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। घटना के बाद मौके पर पहुंची टीम ने वादी (मृतक के बेटे) से पूछताछ कर बताया कि वह किसी दोस्त की शादी में जा रहा था। जब दोस्त के बारे में एक से पूछताछ की गई तो वो सही से जवाब नहीं दे पाया। जिससे शक की सुई बेटे पर ही घूमने लगी। कई घंटों चली पूछताछ में बेटा बार बार अपने बयान बदलता रहा व सही जानकारी नहीं दे पाया। थक हार बेटे ने अपना जुर्म कबूल कर बताया कि उसने ही दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की है।
एसएसपी ने बताया कि मृतक रिटायर्ड एयरफोर्स आफिसर था जिसके पास करोड़ों की संपत्ति थी। मृतक का बेटे की गलत संगति व गलत आदतों के कारण बेटे के साथ संबंध ठीक नहीं थे। मृतक के पुत्र ने अपने पिता को सम्पति अपने नाम पर करने के लिए भी लगातार दवाव बनाया जा रहा था। मृतक ने पुत्र के नाम सम्पति करने से मना कर दिया था व अपनी सम्पति से भी बेदखल करने के लिए कहा था। नाराज बेटे यशपाल ने अपने दोस्तो ललित मोहन उर्फ राजन व शेखर निवासीगण सीतापुर ज्वालापुर के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या करने की योजना बनाई व दोस्तों को हत्या के बाद तीस लाख रूपये व एक स्कोर्पियो देना तय किया था।
यशपाल, ललित मोहन उर्फ राजन व शेखर ने तय किया कि मृतक का पुत्र यशपाल मृतक भगवान सिंह को शादी में रोशनाबाद जाने के बहाने से रात्रि में ज्वालापुर-बहादराबाद नहर पटरी पर लेकर आयेगा व राजन व शेखर जटवाला पुल से आगे बैराज के पास मिलेंगे व यशपाल, राजन को अपना दोस्त बताकर शादी में जाने के बहाने कार में बैठायेगा व इसी दौरान भगवान सिंह की गोली मारकर हत्या कर देंगे। तीनों आरोपियों ने प्लान के मुताबिक घटना को अंजाम दिया। टीम ने मृतक के पुत्र यशपाल व उसके दोनों साथियों ललितमोहन उर्फ राजन व शेखर को गिरफ्तार किया गया।
ललित मोहन उर्फ राजन की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल तमंचा 315 बोर मय खोखा कारतूस व घटना में इस्तेमाल कपडे जाकेट व जूते सीतापुर ज्वालापुर स्थित एक किराये के कमरे से बरामद किये। आरोपी यशपाल पुत्र भगवान सिंह निवासी जमालपुर कला ज्वालापुर, राजन उर्फ ललित मोहन पुत्र सुरेश गिरी निवासी सीतापुर ज्वालापुर व शेखर पुत्र ऋषिपाल सिंह निवासी सीतापुर बालाजीपुरम कालोनी ज्वालापुर का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
