शांतिकुंज शताब्दी समारोह में देश दुनिया के कई साधक जुटेंगे. यह चार दिवसीय आयोजन होगा.
हरिद्वार: हरिद्वार में स्थित आध्यात्मिक केंद्र शांतिकुंज अगले वर्ष अपने शताब्दी वर्ष का भव्य आयोजन करने जा रहा है। इसी कड़ी में बैरागी कैंप में बनाए गए ‘शांतिकुंज शताब्दी नगर’ में भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह सहित अनेक संत, धर्माचार्य और हजारों साधक शामिल हुए।
जनवरी 2026 में होने वाले चार दिवसीय कार्यक्रम में देश-विदेश से भारी संख्या में गायत्री परिवार के अनुयायियों के जुटने की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य अध्यात्म, संस्कृति और सेवा के मूल्यों को एक साथ लेकर चलने का संदेश देना है।
युवा प्रतिनिधि चिन्मय पण्ड्या ने 51 तीर्थों से लाए गए पवित्र रज-जल से पूजा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह को परम वंदनीया माताजी के जन्म शताब्दी, अखंड दीप प्रज्वलन के 100 वर्ष और संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की तपसाधना के 100 वर्ष की स्मृति को समर्पित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विश्व मैत्री, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक एकता का संकल्प भी दोहराया।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गायत्री परिवार की यह पहल समूची मानवता के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय और शांतिकुंज की भूमिका को आधुनिक गुरुकुल की संकल्पना बताते हुए कहा कि यहां शिक्षा को साधना का रूप दिया गया है।
राज्यपाल ने अखंड ज्योति को भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसकी प्रकाश-धारा सत्य, नैतिकता और एकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने चिन्मय पण्ड्या के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि वे अध्यात्म और आधुनिकता के संतुलित समन्वय से समाज को नई दिशा दे रहे हैं।
