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2017 से बिना छत के सरकारी स्कूल में चल रही क्लास, प्रशासन को नहीं कोई फिक्र

मसूरी| मसूरी नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय दुधली का हाल बेहाल स्कूल में छत ना होने के कारण छात्र छात्राएं काफी परेशान है जिसको लेकर कई बार शिक्षा विभाग को इस संबंध में शिकायत भी की गई है. कोई इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है.

बता दें कि 2017 के जून माह में तेज बारिश के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय, दूधली की छत उड़ गई थी जिसमें छोटे-छोटे बच्चे खुले आसमान और जीर्ण शीर्ण कक्षाओं में पढ़ने को मजबूर हैं. लगातार स्थानीय लोगों द्वारा मसूरी विधायक गणेश जोशी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से स्कूल की छत को मरम्मत कराने का आग्रह किया गया परंतु मात्र आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिल पाया जिससे क्षेत्र की जनता में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है.

स्थानीय निवासी बनवारी लाल ने बताया कि मसूरी क्षेत्र मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दूधली ग्राम की सड़कों के साथ स्कूलों का हाल बेहाल हैं. छात्र में एकमात्र राजकीय प्राथमिक विद्यालय दूधली में क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं परंतु स्कूल की दशा खराब है. कई बार मौसम खराब होने पर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं क्योंकि स्कूल की छत गायब है.
उन्होंने बताया कि स्कूल बंद रहा परंतु इस दौरान भी स्कूल की दशा को सुधारने के लिए कोई काम नहीं किया है. उन्होंने कहा कि फरवरी से स्कूल खुलने के बाद ही जा रही है बात की जा रही है परंतु बिना छत के स्कूल में बच्चे कैसे पढ़ पाएंगे अपने आप में बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि एक और तो सरकार शिक्षा स्वास्थ्य सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए बड़ी-बड़ी बातें कर रही है.
राजधानी से मात्र 40 किलोमीटर दूर एक छोटे से स्कूल है हाल बदहाल तो दूरस्थ क्षेत्रों में स्कूल का क्या हाल होगा?

 

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