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देहरादून

मसूरी पालिका अध्यक्ष पर फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र और शपथ पत्र देने का आरोप, पद से बर्खास्त करने की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार गोयल ने कथित सबूतों के साथ मुख्य निर्वाचन आयोग से की शिकायत

मसूरी| मसूरी के सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार गोयल ने मुख्य निर्वाचन आयोग से पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता द्वारा चुनाव को लेकर दिए जाने वाले शपथ पत्र को गलत बताया गया है।

शिकायतकर्ता ने कहा कि मसूरी पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता द्वारा पालिका के चुनाव के दौरान दिए गए शपथ पत्र में कहा गया कि उन पर किसी प्रकार का कोई मुकदमा दर्ज नहीं है जबकि 2013 में उनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में 2 मुकदमे दायर है जिसमें 4800/ 2009 कंप्यूटर जनरेटर संख्या 3204/ 2013 में आईपीसी की धारा 147, 353, 427 और क्रिमिनल केस संख्या 779 / 2010 कंप्यूटर जनरेटर संख्या 3200 2013 में आईपीएस की धारा 147, 341, 353, के तहत सीजेएम कोर्ट में दर्ज है। 21/10/2018 को चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की बात को छुपाया गया है।

अनय आरोप लगाते हुए पत्र में लिखा कि अनुज गुप्ता द्वारा एसडीएम मसूरी कार्यालय में भी उन पर चल रहे मुकदमे की बात को छुपाते हुए फर्जी तरीके से चरित्र प्रमाण पत्र हासिल किया गया है। जो अपने आप में चुनाव अधिक नियम के उल्लंघन के साथ अपराध है उन्होंने कहा कि अनुज गुप्ता द्वारा अपने शपथ पत्र में कहा गया है कि उनके द्वारा किसी प्रकार का सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं किया गया है जबकि उनके द्वारा झड़ी पानी में सरकारी नाले पर कब्जा किया गया है। गोयल ने मुख्य चुनाव आयोग से मांग की है कि पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर उनको पालिका के पद से हटाया जाए। उन्होंने पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता द्वारा पालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर दिए गए झूठे शपथ पत्र वह फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र को लेकर मुख्य सचिव उत्तराखंड डीजीपी उत्तराखंड जिला अधिकारी देहरादून एसडीएम मसूरी को शिकायत पत्र देकर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि पालिका अध्यक्ष द्वारा सरकार में बैठे कुछ सफेदपोश और अधिकारियों की पहुंच का हवाला देते हुए उनके खिलाफ पूर्व में उनके खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार के मामले में जांच को प्रभावित किया जाए जा रहा है। ऐसे में अगर पालिका अध्यक्ष पर तत्काल कार्रवाई नहीं होती है तो वह न्यायालय की शरण में जाएंगे इस पूरे मामले में पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई है परंतु उसने संपर्क नहीं किया है ना हो पाया है।

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