हरिद्वार। अखाड़ा परंपरा के अनुसार हरिद्वार कुंभ के निमित्त शनिवार को सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने छिद्दरवाला के जंगल में अखाड़ों की धर्म ध्वजा के लिए साल के वृक्षों का चयन किया। अखाड़ा प्रतिनिधि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और निरंजनी अखाड़ा के श्रीमहंत रविंद्र पुरी के नेतृत्व में मेलाधिकारी दीपक रावत के साथ वहां पहुंचे। वृक्षों के चयन के बाद प्रतिनिधियों ने पूजन के साथ उन पर अपने-अपने अखाड़ों के निशान भी अंकित किए।
इस मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि धर्म ध्वजा कुंभ के निमित्त अखाड़ों का शुरुआती कदम होता है।धर्म ध्वजा के लिए वृक्ष का चयन करने के साथ ही अखाड़ों की ओर से स्वत: इस बात की घोषणा हो जाती है कि वह कुंभ के लिए तैयार हैं। कहा कि जिस दिन अखाड़े अपनी-अपनी धर्म ध्वजा फहराते हैं, उसी दिन से उनका कुंभ आरंभ हो जाता है।मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि अखाड़ों की मांग और परंपरा के अनुसार धर्म ध्वजा के लिए छिद्दरवाला के जंगल में साल के वृक्षों का चयन किया गया। मेला अधिष्ठान नियत समय पर यह वृक्ष अखाड़ों को उपलब्ध कराएगा।
