न्यूज डेस्क| मांगलिक और शुभ कार्यों में देव गुरु बृहस्पति और शुक्र ग्रह की स्थिति महत्वपूर्ण है. ये दोनों ग्रह ज्यतिष शाष्त्र के मुताबिक अगले कुछ समय तक अस्त रहने वाले हैं. मनीषियों के अनुसार देव गुरु बृहस्पति 17 जनवरी को अस्त हो जाएंगे और 14 फरवरी तक अस्त रहेंगे साथ मैं शुक्र देव 8 फरवरी को अस्त हो जाएंगे और 17 अप्रैल तक अस्त रहेंगे. इस दौरान गुरु और शुक्र दोनो ही शुभ ग्रह है और दोनों के बिना कोई भी मांगलिक कार्य नही होता इसलिए शादी के शुभ महूर्त भी अप्रैल में ही खुलेंगे.
बृहस्पति और शुक्र आपके जीवन मे जो भी मांगलिक कार्य हो उसमे इनका उपस्थित होना बहुत जरूरी होता है क्योंकि यह दोनों ब्राह्मण है और जो भी पूजा पाठ मांगलिक कार्य होता है इनके बिना नही होता है. इसलिए यह दोनों जब भी अस्त हो जाते है सभी कार्य बंद हो जाते है. एक स्त्री की कुंडली मे गुरु पति के कारक होते है और एक पुरुष की कुंडली मे शुक्र पत्नी के कारक होते हैं. घर-गृहस्ती में कितनी शुभता रहेगी शादी के बाद का जीवन कैसा रहेगा इसमें कारक ग्रह गुरु और शुक्र अपना बहुत बड़ा योगदान देते है.
बृहस्पति जीवन मे आने वाली परेशानी से बाहर आने में मदद करते है हमको जीवन मे एक सही दिशा देने का काम करते है शुक्र भौतिक सुख सुविधा के लिए हमको योगदान देते है. इसलिए इनका अस्त होना अच्छा नही माना जाता और इनके अस्त होने पर शुभ कार्य रुक जाते है इस साल मकर सक्रांति के बाद भी शुभ कार्य शुरू नही होंगे वो अप्रैल से ही शुरू होंगे.
