बिजनौर में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का बुरा हश्र
पत्रकारों को रोका, धरने पर बैठने को मजबूर हुए मीडियाकर्मी
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की ऐसी दुर्दशा पूरे भारत में शायद ही कही देखने को मिली हो जैसी दुर्दशा कल बिजनौर में पत्रकारों की दिखाई दी । प्रशासन गिरी पर उतरे चंद अधिकारियों ने जिले में अच्छी शाख रखने वाले बड़े बड़े पत्रकारों को भी दो मिनट में साइड से कर दिया । दरअसल चुनाव की कवरेज करने सेंट्रल वेयर हाउस पहुंचे पत्रकार की कुछ अधिकारियो ने नोकझोंक हो गई । अधिकारियो का कहना था कि बिना कैमरे और फोन निकाले ही पत्रकार अपनी पत्रकारिता को अंजाम दे हालांकि इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकारों के लिए यह असंभव बात थी । बिना विजुअल के उनके किसी समाचार का औचित्य नहीं था । उधर अपने कैमरों पर पहरे देख पत्रकारों को अपने मान सम्मान से खिलवाड़ नजर आया । जिसके चलते पत्रकार धरने पर बैठ गए उधर पत्रकारों को धर पर बैठा देख प्रशासन को जैसे ही अपनी फजीहत का ख्याल आया तो वैसे ही एसपी सिटी ने मोर्चा संभाल लिया और पत्रकारों का धरना समाप्त कराकर उन्हें अपने साथ सेंटर वेयर हाउस ले गए । उधर विशेष बात यह रही कि यहां लाकर भी पत्रकारों को एक हॉल में बैठा दिया गया । जहां बैठकर पत्रकार विभागीय साइट से नतीजे देखते रहे और स्वयं को ठगा सा महसूस करने लगे । यह सब देख ये तो साफ था कि बिजनौर में अफसरशाही का ऐसा व्यवहार देख पत्रकारों को भी कुछ अक्ल तो जरूर आई होगी । वहीं पत्रकारों के कैमरों पर अपनी पाबंदी लगाने की प्रशासन की क्या मंशा रही होगी यह तो संदेह के घेरे में है ।
