Udayprabhat
राजनीति

विधानसभा चुनाव में बीजेपी के चार साल के रिकॉर्ड पर अपना एजेंडा साधेगी कांग्रेस

देहरादून| राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव(Assembly Election) का डंका बज चुका है. राजनीतिक दलों(Political Parties) की पक्ष-विपक्ष, दावेदारी और बयानबाजी सरगर्मी बढ़ाने लगी हैं. लेटेस्ट अपडेट यह है कि कांग्रेस अपना चुनावी एजेंडा तय करने जा रही है. माना जा रहा है कि बीजेपी(BJP) सरकार के अब तक रिपोर्ट कार्ड का खाका तैयार करने में पार्टी जुटी हुई है. बीजेपी की नाकामियों के ऊपर अपनी जीत की सीढ़ी चढ़ाने का कांग्रेस का एजेंडा जताया जा रहा है. सरकार के खिलाफ 2022 के चुनाव में कांग्रेस(Congress) के तरकश में कौन-कौन से तीर होंगे, चार्जशीट में इसकी बानगी मिल जाएगी. पार्टी इन नाकामियों पर प्रहार करने के साथ ही रोजगार, खेती-किसानी को राहत के साथ जन कल्याणकारी नीतियों को लेकर अपना रोडमैप भी तैयार करेगी.

प्रमुख प्रतिपक्षी दल अब चार साल के भाजपा सरकार के कार्यकाल की विफलताओं को एकत्र कर रहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार पर विपक्ष ही नहीं, बल्कि हाईकोर्ट भी तमाम सवाल खड़े कर रहा है. दावे भले ही बड़े-बड़े किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार आम आदमी को राहत नहीं पहुंचा पाई है. युवाओं को रोजगार नहीं मिला तो भ्रष्टाचार सरकारी महकमों और कार्यों में पसरा हुआ हैचार्जशीट में विफलताओं का विस्तृत ब्योरा तैयार किया जा रहा है. कुंभ जैसे पर्व के लिए भी पर्याप्त तैयारी नहीं की गई है. इससे संबंधित कार्यों में भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है. चाहे नगर निकाय के चुनाव समय पर कराने का मामला हो या साहसिक खेल रिवर राफ्टिंग एवं पैरा ग्लाइडिंग या निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट, उत्तराखंड के चारधाम यात्रा में पडऩे वाले तीन जिलों उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग में शराब बंदी को लेकर हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा है. इसी तरह सरकार ने प्रदेश में मंदिरों का रखरखाव अपने हाथों में ले लिया है.

देखना होगा कि अपने अंदरूनी संघर्ष से जूझ रही कांग्रेस इन मुद्दों को अपने फायदे के लिए भुना पाती है या एजेंडा बयानवीरों के तरकश में टूटे हुए बाणों की तरह सजे रह जाएंगे. सरकार की विफलता के साथ कांग्रेस क्या कोई विकल्प अपने पास लेकर चल रही है, एजेंडे में ये तमाम बिंदु गौर करने लायक होंगे.

Leave a Comment