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प्रशासनिक उपेक्षा और उत्पीड़न से टूटे सेवा भाव, दून एनिमल वेलफेयर ट्रस्ट ने गौशाला बंद करने का किया ऐलान

1200 से अधिक गौवंशों की देखभाल कर रही संस्था ने प्रशासनिक दबाव, झूठी शिकायतों और मानसिक उत्पीड़न के चलते लिया अस्थायी रूप से संचालन रोकने का निर्णय; 6 अगस्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन

देहरादून: देहरादून में वर्षों से पशु सेवा के क्षेत्र में समर्पित कार्य कर रही दून एनिमल वेलफेयर ट्रस्ट ने प्रशासनिक उपेक्षा और उत्पीड़न के चलते अपनी गौशाला का संचालन अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। संस्था ने यह निर्णय गहरे मनोवैज्ञानिक आघात और निरंतर मिल रहे प्रशासनिक दबाव के चलते लिया है।

इस समय ट्रस्ट द्वारा संचालित गौशाला में 1200 से अधिक गौवंश सुरक्षित रूप से आश्रय पाए हुए हैं। इनमें से अधिकांश पशु या तो दुर्घटनाग्रस्त हैं, बीमार हैं, या निराश्रित जिन्हें समाज में कहीं ठौर नहीं मिली। लगभग 50 समर्पित कार्यकर्ता इन पशुओं के लिए निरंतर भोजन, दवा, चिकित्सा, सुरक्षा, और सफाई जैसी ज़िम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

संस्था का कहना है कि प्रशासनिक सहयोग की लगातार कमी, झूठी शिकायतें और मानसिक उत्पीड़न ने अब सेवा कार्य को असंभव बना दिया है। संस्था ने इस बात पर गहरी पीड़ा व्यक्त की है कि जहाँ एक ओर वे मानवीय दृष्टिकोण से निःस्वार्थ सेवा में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें संदेह और आरोपों की दृष्टि से देखा जा रहा है।

इस स्थिति में संस्था ने घोषणा की है कि 6 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजे, संस्था के प्रतिनिधि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी महोदय को एक ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें गौशाला का संचालन अस्थायी रूप से बंद करने की सूचना दी जाएगी।
ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय उनके लिए अत्यंत कठिन है, लेकिन जब सेवा पर ही प्रश्नचिन्ह लगने लगें, तो आत्मसम्मान की रक्षा करना भी ज़रूरी हो जाता है।

संस्था ने सभी मीडिया संस्थानों से अपील की है कि इस मानवीय संकट को समझते हुए समाज के सामने उनकी बात को निष्पक्ष रूप से रखा जाए, ताकि लोगों को असल कारणों की जानकारी मिल सके।

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